जल-जंगल-जमीन पर निर्भर है जीवन : सुरेश रैकवार
उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद के अतर्रा कस्बे में 30 अगस्त को आयोजित घुम्मा तालाब सफाई श्रमदान समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए 'नदी बचाओ-तालाब बचाओ' आन्दोलन के संयोजक व सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश रैकवार ने कहा, "प्राकृतिक संसाधनों के साथ मानव प्रजाति के नाहक छेड़छाड़ करने से पर्यावरण सन्तुलन बिगड़ गया है जिसका नतीजा सूखा और महामारी के रूप में सामने है। इसलिए जल-जंगल-जमीन के साथ किया जा रहा खिलवाड़ बन्द कर आम लोगों को इनके संरक्षण में जुट जाना चाहिए, इसी पर जीवन निर्भर है।"
अतर्रा कस्बे के धार्मिक स्थल गौरा बाबा से सटे 25 बीघा के घुम्मा तालाब की जल कुम्भी की सफाई विभिन्न समाजिक संगठनों व ग्रामीणों के सहयोग से 60 वे दिन पूरी हो पाई। इन दो महीनों में 1200 लोगों ने सहभागिता निभाई है। सुरेश रैकवार के नेतृत्व में इलाके के गांव तेन्दुरा, शंकरपुरवा, बनई पुरवा व बल्लान गांव के तालाबों की सफाई ग्रामीण कर चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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