सर्वोच्च न्यायालय में विजयन की याचिका स्वीकार
न्यायमूर्ति आर. वी. रवीन्द्रन और न्यायमूर्ति जस्टिस बी. एस. सुदर्शन रेड्डी ने यह कहते हुए विजयन की याचिका स्वीकार कर ली कि इसमें कानून संबंधी कई महत्वपूर्ण सवाल उभरते हैं।
इसमें यह सवाल भी है कि कोई भी राजनीतिक दल या उसका अध्यक्ष अपनी ही पार्टी की सरकार पर कितना प्रभाव डाल सकता है।
उल्लेखनीय है कि विजयन पर आरोप है कि उन्होंने गलत तरीके से इस कनाडियाई कंपनी को तीन ऊर्जा संयंत्रों के उन्नयन के लिए ठेका दिया था। विजयन उस वक्त राज्य के ऊर्जा मंत्री थे।
राज्यपाल आर. एस. गवई ने गत जून महीने में सीबीआई कार्यालय के प्रमुख को अपने आवास पर बुलाया था और विजयन मामले से जुड़ी 148 पृष्ठों की रिपोर्ट उन्हें सौंपी थी और मामले की जांच आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी। इसके बाद विजयन के खिलाफ केरल में सीबीआई की एक विशेष अदालत में मामला दर्ज किया गया था। विजयन को 24 सितम्बर को अदालत में उपस्थित होने का कहा गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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