जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी, अब तक 38 लोगों की मौत
हड़ताल की वजह से पीएमसीएच की चिकित्सा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य सचिव सी.के.मिश्रा से कहा था कि वह हड़ताल पर गए जूनियर चिकित्सकों को काम पर लौटने के लिए नोटिस जारी करें।
पारिश्रमिक में वृद्धि और वेतन की मांग करते हुए पीएमसीएच के 400 से अधिक जूनियर डॉक्टर बुधवार शाम से ही हड़ताल पर हैं। सूत्रों के अनुसार पीएमसीएच प्रशासन और जूनियर डॉक्टरों के बीच वार्ता चल रही है लेकिन कोई फैसला नहीं किया गया है।
पीएमसीएच में गत 24 घंटे में छह मरीजों की मौत हो गई। हड़ताल से सबसे अधिक अपातकालीन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। अस्पताल प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग से सहायाता मांगी है। समीप के विभिन्न अस्पतालों से 50 से अधिक चिकित्सकों को बुलाया गया है।
पीएमसीएच के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा कि गत दो दिनों में सैंकड़ों मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ा है।
जूनियर डॉक्टरों के संघ के अध्यक्ष राजीव बाबू ने रविवार को कहा, "पारिश्रमिक में इजाफे के बाद भी हम हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। हमारी मांग मासिक वेतन की है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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