स्कूलों में सूर्य नमस्कार अनिवार्य न किया जाए : अदालत
जबलपुर, 28 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय जबलपुर ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि शैक्षणिक संस्थाओं में सूर्य नमस्कार और प्राणायाम को अनिवार्य न किया जाए।
मुख्य न्यायाधीश ए़ क़े पटनायक और न्यायाधीश अजीत सिंह की खंडपीठ ने यह निर्देश शुक्रवार को कैथोलिक विशप काउंसिल ऑफ मध्यप्रदेश की याचिका पर दिए हैं।
कैथोलिक विशप काउंसिल ऑफ मध्य प्रदेश की ओर से फादर आनंद मुटूंगल की ओर से 25 अगस्त को याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि सेन्ट जोसफ सीनियर सेकेन्डरी स्कूल नरसिंहगढ़ जिला राजगढ़ और कैथोलिक मिशन झाबुआ को जिला शिक्षा अधिकारियों की ओर से 19 जुलाई को निर्देश दिया गया कि वे अपनी संस्थाओं में सूर्य नमस्कार अवश्य रुप से कराएं और योग की निगरानी समिति को रिपोर्ट दें।
याचिकाकर्ता के वकील राजेश चन्द्र के मुताबिक शिक्षा अधिकारियों ने उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में जारी अंतरिम आदेश की अवहेलना की है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने पूर्व में सूर्य नमस्कार नीति को अनिवार्य न करने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद सरकार को निर्देश दिया है कि सूर्य नमस्कार व प्राणायाम अनिवार्य न किया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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