प्रधानमंत्री ने नरेगा कार्य देखे, पौधा लगाया
प्रधानमंत्री ने रामसर नाडी खुदाई कार्य पर कार्यरत महिलाओं से बातचीत की। श्रमिक महिलाओं ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि सरपंच कम से कम आठवीं पास हो। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री को बताया कि रामसर नाड़ी खुदाई कार्य पर 187 श्रमिक कार्यरत हैं। रामसर नाड़ी में 150 कुइयां हैं। उन्होंने बताया कि सोनिया चैनल से बरसात का पानी रामसर नाड़ी में एकत्रित होगा, जिससे इन कुइयों के जल स्तर में वृद्घि होगी और यहां की जनता को लाभ होगा।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के तहत राज्य में पिछले चार माह में 2 हजार 877 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं जो कि देश में किसी भी राज्य से अधिक हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार माह में राज्य में 49 लाख 56 हजार परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है, इसमें से 2 लाख 47 हजार परिवारों ने 100 दिन का रोजगार पूरा कर लिया है। यहां औसतन प्रति परिवार 53 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल श्रमिकों मे से 71 प्रतिशत महिलाएं हैं। इनमें से 23 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं 31 प्रतिशत अनुसूचित जन जाति की हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय रोजगार गारन्टी योजना के तहत श्रमिकों को 100 दिन की बजाय 200 दिन का रोजगार देने तथा श्रम की राशि नरेगा से एवं सामग्री की राशि व्यक्तिगत स्तर पर उपलब्ध कराने का प्रावधान करने का आग्रह किया जिससे ग्रामीण निर्धन परिवारों को लाभ मिल सके। रामसर के सरपंच मोतीलाल जैन ने प्रधानमंत्री से नरेगा योजना से निजी आवास एवं निजी टांके बनवाने का प्रावधान करने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय ग्रामीण योजना कार्यक्रम के आयुक्त राजेन्द्र भानावत ने बताया कि बाड़मेर जिले में वर्षा जल संरक्षण के लिए 29 हजार कृषि कुण्डों का निर्माण कराया गया है जो कि देश के किसी भी जिले से सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि राज्य में इस वर्ष नरेगा योजना के तहत 9 हजार 525 करोड़ रुपए व्यय किये जाने प्रस्तावित है, यह राशि भी देश के अन्य राज्यों से सर्वाधिक है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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