आडवाणी की विदाई तय, राजनाथ करेंगे अनुसरण (लीड-2)
संघ के सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि सत्ता की लालच में भाजपा के भीतर हाल के दिनों में आई वैचारिक भटकाव को और भटकने नहीं दिया जाएगा।
दिल्ली स्थित संघ कार्यालय 'केशव कुंज' में भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की सर संघ चालक मोहन भागवत से हुई मुलाकात के बाद एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "आने वाले दिनों में जिन लोगों को अपने मौजूदा पदों से हटना पड़ेगा उनमें वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय स्तर के अन्य नेता भी शामिल हैं।"
संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, "आडवाणी को जाना होगा, उनकी जगह कौन लेगा यह अभी तय नहीं है। यह सूचना दे दी गई है। अब आडवाणी और पार्टी के अन्य नेताओं को तय यह करना है कि वे कब पद छोड़ते हैं।"
संघ सूत्रों ने यह भी कहा कि संगठन भाजपा के वर्तमान अध्यक्ष राजनाथ सिंह की कार्य प्रणाली से भी खुश नहीं है। वह जिस तरह से पार्टी के अंदर विवादों से निपट रहे हैं वे कम होने के बजाय बढ़ रहे हैं।
सूत्रों ने संकेत दिया कि आडवाणी के बाद राजनाथ का नंबर है। यद्यपि, पार्टी के अंदर संगठनात्मक चुनाव जारी होने के कारण उन्हें कुछ महीनों की मोहल्त मिल सकती है। वैसे भी साल के अंत तक पार्टी को नए अध्यक्ष का चुनाव करना है।
संघ सूत्र ने शुक्रवार को भाजपा नेताओं और शनिवार को आडवाणी की भागवत से मुलाकात के बारे कहा, "पार्टी में शीर्ष स्तर पर परिवर्तन निश्चित है और हमने पार्टी के मौजूदा नेतृत्व को इससे अवगत करा दिया है। जितना जल्दी वह इसे अमल में लाते हैं उतना ही अच्छा होगा।"
शनिवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भूवन चंद खंडूरी ने भी संघ प्रमुख से मुलाकात की। इसके बाद भागवत पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी से भेंट करने उनके आवास पहुंचे।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, वेंकैया नायडू और आनंत कुमार ने शुक्रवार शाम भागवत से मुलाकात की थी। भागवत से शुक्रवार शाम ढाई घंटे तक विभिन्न विषयों पर चर्चा बाद इन चारों नेताओं ने आडवाणी से मुलाकात की थी।
पार्टी के नेताओं ने इन राजनीतिक घटनाक्रमों पर किसी तरह की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 'मेरे पास कोई प्रतिक्रिया नहीं है,' जबकि दूसरे प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने हालांकि कहा कि शुक्रवार को संघ प्रमुख के साथ भाजपा ने नेतृत्व परिवर्तन के बारे में चर्चा नहीं की।
जावडेकर ने कहा, "संघ प्रमुख के साथ भाजपा नेताओं की मुलाकात में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, लेकिन पार्टी नेतृत्व में परिवर्तन के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई।"
इधर, हाल के राजनीतिक संकट पर नजर रखने वाले संघ के कुछ अन्य पदाधिकारियों ने कहा, "भाजपा को आगे बढ़ाने के लिए रोडमैप पार्टी को ही तैयार करना पड़ेगा, लेकिन यह एक नया नेतृत्व करेगा। हम भाजपा के दिन-प्रतिदिन के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करते।"
उन्होंने आगे कहा, "पिछले कुछ दिनों में उभरे इन विवादों से पहले ही संघ ने भाजपा से कह दिया था कि उन्हें संगठन को मजबूत बनाना होगा व उन्हें जमीनी स्तर पर ध्यान केंद्रित करना होगा और उन्हें यदि किसी सहयोग की जरूरत पड़ेगी तो हम करेंगे।"
दरअसल, पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना पर किताब लिखकर विवादों में आए जसवंत सिंह ने भाजपा से निकाले जाने के बाद आडवाणी पर कई आरोप लगाए। इसके बाद राज्यसभा सांसद अरुण शौरी ने भी पार्टी नेतृत्व की आलोचना करते हुए उसे 'कटी पतंग' तक कह दिया था। पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ब्रजेश मिश्र ने भी आडवाणी पर आरोप लगाया और कहा कि कंधार विमान अपहरण मामले में आडवाणी सभी फैसलों से अवगत थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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