मनमोहन को किसी संतान के अर्थशास्त्री न बनने का मलाल होगा !
दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में प्रोफेसर उपिंदर सिंह ने कहा कि हर मेधावी व्यक्ति की संतानों पर अपने पिता की तरह बनने का थोड़ा मनौवैज्ञानिक दबाव जरूर होता है।
उन्होंने अपनी पुस्तक 'ए हिस्ट्री ऑफ एनशिएंट एंड मेडिएवल इंडिया' के विमोचन के बाद संवाददाताओं से एक अनौपचारिक बातचीत में कहा, " हम बहनों पर भी पढ़-लिखकर अच्छा बनने का मनोवैज्ञानिक दबाव था, पर पिताजी ने कभी हम पर अपने नक्शे कदम पर चलने के लिए दबाव नहीं बनाया। शायद वह यह सोचकर उदास होते होंगे कि कोई भी बेटी उनकी तरह अर्थशास्त्री नहीं बन पाई, पर उन्होंने विषयों का चयन करने की हमें पूरी आजादी दी। उन्होंने कभी हमसे यह नहीं कहा कि किसी बेटी के अर्थशास्त्री नहीं बनने का उन्हें दुख है।" प्रधानमंत्री की एक बेटी दमन सिंह ने एक उपन्यास लिखा है, जबकि एक बेटी अमृत सिंह अमेरिका में नागरिक अधिकारवादी कार्यकर्ता हैं।''
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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