चंद्रयान को छोड़ सकता है भारत (लीड-1)
इसरो के निदेशक एस.सतीश ने आईएएनएस को बताया, "भारतीय समय के अनुसार शनिवार सुबह 01.30 बजे चंद्रयान से हमारा संपर्क टूट गया है। पुन: संपर्क स्थापित करने के प्रयास अभी तक विफल रहे हैं।"
ब्यालालू स्थित डीप स्पेस नेटवर्क (डीएसएन) के वैज्ञानिकों ने कहा कि अंतरिक्ष यान की संचार व्यवस्था में अचानक खराबी के बाद यान के सी-बैंड, कू-बैंड और अन्य बैंडों से रेडियो संपर्क टूट गया। यान से आखिरी आंकड़ा 00.25 बजे प्राप्त हुआ।
अंतरिक्ष वैज्ञानिक यान की उप-प्रणालियों की पड़ताल के लिए उसके दूरमापी डाटा (टेलीमेटरी)का विश्लेषण कर रहे हैं।
सतीश ने बताया कि चंद्रयान के एंटेना ने काम करना बंद कर दिया है और उससे संपर्क करने के अब तक के प्रयास विफल रहे।
उन्होंने कहा कि यदि यान से दोबारा संपर्क नहीं स्थापित हुआ तो उसे छोड़ा जा सकता है। वह चंद्रमा से 200 किलोमीटर दूर स्थित कक्षा में चक्कर लगाता रह सकता है और यदि नियंत्रण नहीं स्थापित हुआ तो चांद की सतह से टकराकर नष्ट हो सकता है।
चंद्रयान ने अपनी कक्षा में 312 दिन बिताए हैं और चंद्रमा की 3,400 परिक्रमाएं कीं। यान ने अत्याधुनिक सेंसरों से बड़ी मात्रा में जानकारियां उपलब्ध कराईं।
चंद्रयान-1 को 22 अक्टूबर 2008 को श्रीहरिकोटा से ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के माध्यम से प्रक्षेपित किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications