स्वाइन फ्लू : मृतकों की संख्या 82, बचाव के लिए सतर्कता जरूरी (लीड-1)
लोगों के जागरूक होने की जरूरत इसलिए भी है कि क्योंकि महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवाएं ने इस बीमारी से दम तोड़ने वाले 30 मरीजों की केस फाइल का अध्ययन करने के बाद कहा कि ज्यादातर लोगों की मौत की वजह देर से अस्पताल पहुंचना रहा है। उल्लेखनीय है कि अब तक फ्लू से 82 लोगों की मौत हो चुकी है।
महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवाएं के महानिदेशक आर.के.श्रीवास्तव ने गुरुवार को कहा था कि सात राज्यों के 30 मृतकों की केस फाइल का अध्ययन करने के बाद सामने आए तथ्य में मौत की प्रमुख वजह उपचार के लिए मरीजों का देर से पहुंचना रहा है। अध्ययन में सामने आया कि मृतकों में ज्यादातर 14 से 44 वर्ष के थे। ज्यादातर की मौत अस्पताल में पांचवें दिन हुई। प्रमुख लक्षण अत्यधिक बलगम और सांस लेने में तकलीफ रही।
महाराष्ट्र में इस बीमारी से अब तक 48 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद कर्नाटक में इसके 23 शिकार हुए हैं।
स्वाइन फ्लू की वजह से मुंबई में 10, पुणे में 25, नासिक में सात, लातुर में दो और औरंगाबाद, बीड, जालना और धुले में एक-एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। राज्य के 34 में से 22 जिले स्वाइन फ्लू की चपेट में हैं।
देश में शुक्रवार को स्वाइन फ्लू के 139 नए मामले सामने आए थे। इसके साथ ही देश में पीड़ितों की संख्या 3534 हो चुकी है।
कर्नाटक में स्वाइन फ्लू से सबसे अधिक मौतें बेंगलुरू में हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि यहां बड़ी संख्या में लोग देश के अन्य हिस्सों और विदेशों से आते हैं।
बेंगलुरू में शुक्रवार को दो और लोगों की मौत स्वाइन फ्लू की वजह से हो गई, जिससे कर्नाटक में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई।
राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिजीज (आरजीआईसीडी) के निदेशक शशिधर बुग्गी ने कहा कि बेंगलुरू सूचना प्रौद्योगिकी का मुख्य केंद्र है, जिस वजह से यहां देश और विदेशों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। उन्होंने कहा, "यहां एच1एन1 का प्रसार असामान्य नहीं है।"
शशिधर ने कहा, "यह समय वायरस से मिलकर लड़ने का है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ और आम जनता को मिलकर काम करना होगा। फ्लू के लक्षण का अहसास होते ही लोगों को जांच करवानी चाहिए। यदि आगे भी चिकित्सीय जांच की जरूरत महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।"
राज्य के स्वास्थ्य आयुक्त पी.एन.श्रीनिवासचारी ने आईएएनएस से कहा कि यह कहना कठिन है कि स्वाइन फ्लू से सबसे अधिक बेंगलुरू ही क्यों प्रभावित है। उन्होंने कहा, "हम कह सकते हैं कि स्वाइन फ्लू का वायरस हवा में है। इस वक्त लोगों को सजग रहना चाहिए।"
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आई.आर.पेरुमल ने लोगों से भयभीत नहीं होने के लिए कहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि दुनिया भर में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 2,100 से अधिक हो गई है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को बताया कि इस बीमारी से उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका में सबसे ज्यादा 1,876 लोगों की मौत हुई है।
डब्ल्यूएचओ के ताजा आंकड़ों के अनुसार दक्षिण पूर्व एशिया में 139 और यूरोप में 85 लोगों की मौत इस बीमारी की वजह से हुई। पश्चिमी प्रशांत, अफ्रीकी और मध्यपूर्व के देशों में क्रमश: 64,11 और 10 लोग इस बीमारी के शिकार हुए हैं।
पूरे विश्व में स्वाइन फ्लू से जुड़े पुष्ट मामलों की संख्या अब 209,438 हो गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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