प्रधानमंत्री ने मंगला तेल क्षेत्र को राष्ट्र को समर्पित किया
समारोह में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी उपस्थित थे।
वर्ष 2010 के मध्य तक मंगला तेल क्षेत्र से तेल का उत्पादन बढ़कर प्रतिदिन 125,000 बैरल हो जाएगा। केयर्न इंडिया दो तेल क्षेत्रों भाग्यम और ऐश्वर्या को मिलाकर प्रतिदिन 175,000 बैरल तेल का उत्पादन करेगी जो कुल घरेलू उत्पादन का 20 फीसदी होगा।
केयर्न इंडिया के तीनों तेल क्षेत्रों से देश को अगले दस वर्षो के दौरान तेल आयात बिल में 1.5 अरब डॉलर की बचत होगी। इसके अलावा कर, रॉयल्टी और लाभ से सरकार को 30 अरब डॉलर की कमाई होगी।
देवड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार को पेट्रोलियम राजस्व लाभांश के रूप में 46,000 करोड़ रुपये हासिल होंगे। इसके अलावा राजस्थान सरकार को पहले पांच वर्ष में रॉयल्टी के रूप में 12,000 करोड़ रुपये मिलेंगे।
भारत अपनी जरूरतों का 70 फीसदी से अधिक कच्चे तेल का आयात करता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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