भाजपा में जो हो रहा है वह ठीक नहीं : भागवत (लीड-1)
नई दिल्ली स्थित केशवकुंज में आयोजित एक पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए भागवत ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा, लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा को झटका लगा है। उसके बाद पार्टी में जो हो रहा है वह ठीक नहीं है। उन्हें संतुलन कायम करना होगा। लेकिन इसे यह कहना कि भाजपा पतन की ओर जा रही है, मैं ऐसा नहीं मानता।
उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता गांव-गांव में हैं, उसका लंबा चौड़ा नेटवर्क है। कार्यकर्ता भावनात्मक रुप से पार्टी से जुड़े हैं इसलिए जो कुछ चल रहा है उससे पार्टी का पतन नहीं होगा। मौजूदा संकट से भाजपा बाहर निकलेगी। यहां तक कि अपने राख होने के बाद भी पार्टी उठ खड़ी होगी।
यह पूछे जाने पर कि भाजपा में जो कुछ हो रहा है क्या संघ उसे मूकदर्शक बनकर देखता रहेगा, इसके जवाब में उन्होंने कहा, क्या करना है और क्या नहीं करना है, यह देखना भाजपा का काम है। संघ उसमें दखलंदाजी नहीं करता। हां, अगर कोई हमसे सलाह मांगेगा तो उसे हम सलाह जरूर देंगे, हम बिन मांगे सलाह नहीं देते।
भाजपा की मौजूदा स्थित पर संघ के खुश या नाखुश होने के सवाल पर उन्होंने कहा, खुश होने या नहीं होने का सवाल ही नहीं उठता। यह सोचना पार्टी का काम है। पार्टी सोचेगी और करेगी। हमको लगाता है कि सब ठीक हो जाएगा।
भाजपा की गतिविधियों और उसके क्रियाकलापों में संघ की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर भी भागवत ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, हर भूमिका नजर ही आनी चाहिए, ऐसा जरूरी नहीं है।
भाजपा में युवा नेतृत्व के सवाल पर भागवत ने कहा, संघ के मुताबिक 55-60 के उम्र के लोगों को आगे आना चाहिए। राजनीतिक दलों की इस बारे में क्या राय है, वह राजनीतिक दल तय करें।
संघ के स्वयंसेवकों की संख्या में आई कमी को नकारते हुए उन्होंने कहा, संघ की लोकप्रियता बढ़ी है। जो हमारे विरोधी रहे हैं वे भी हमारा स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा संघ का काम करने का तरीका बदला है। उसका स्वरुप बदला है। स्वयंसेवक बढ़े हैं। नए जमाने के अनुसार नई तकनीकों का हम प्रयोग करेंगे।
संघ में दो धारा या दो गुट होने के सवाल को उन्होंने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, संघ में कोई दो धारा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि संघ को अपना उद्देश्य पूरा करने में अगले 25 से 30 सालों से ज्यादा का वक्त नहीं लगेगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह की किताब के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मैंने अभी तक किताब नहीं पढ़ी है क्योंकि समय नहीं मिल पाता। समय मिलेगा तो जरुर पढूंगा। रही बता जिन्ना की तो जिन्ना के बारे में इतिहास है कि उन्होंने पाकिस्तान के निर्माण का नेतृत्व किया था। हिन्दू और मुसलमान साथ नहीं रह सकते इसी आधार पर उन्होंने अलग राष्ट्र की मांग उठाई थी।
राम मंदिर के बारे में अपनी राय व्यक्त करते हुए भागवत ने कहा, अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने तक आंदोलन जारी रहेगा। संघ द्वारा अलग राजनीतिक दल गठन करने की संभावनाओं को उन्होंने सिरे से नकार दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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