बस्तर में लौह अयस्क खनन को नक्सलियों से खतरा
रायपुर, 28 अगस्त (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में लौह अयस्क खनन को नक्सलियों से खतरा पैदा हो गया है। उद्योगपतियों और नेताओं को आशंका है कि यदि क्षेत्र में नक्सली समस्या का समाधान नहीं निकलता है तो लौह अयस्क भंडार पर प्रशासन का नियंत्रण समाप्त हो सकता है।
कोंटा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने आईएएनएस को बताया, "बस्तर क्षेत्र में नक्सली अपना प्रभाव लगातार बढ़ा रहे हैं। क्षेत्र में उन्होंने वर्ष 1980 में कदम रखा था। बस्तर के अंदरूनी हिस्सों में अब उनका एकाधिकार है।"
कुंजाम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों को जनजातियों का समर्थन प्राप्त है, इसी वजह से वे खनन को बंद करने का फैसला आसानी से ले सकते हैं। अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के अध्यक्ष कुंजाम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के लोगों तक विकास की रोशनी दशकों से नहीं पहुंच पाई है।
कुंजाम ने कहा कि जनजातियों को अब उन्हें अपनी जमीन और जंगल से दूर किया जा रहा है ताकि टाटा स्टील और एस्सार स्टील जैसी कंपनियों के लिए रास्ता खुल सके। उन्होंने कहा कि जनजातियों का आक्रोश ही है कि वे अब नक्सलियों से सहानुभूति रखने लगे हैं।
उल्लेखनीय है कि टाटा स्टील लोहानडिगुडा संयंत्र के लिए और एस्सार अपनी 70 अरब रुपये वाली परियोजना के लिए बस्तर क्षेत्र से लौह अयस्क का खनन करेगा।
छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नाचरानी ने कहा, "भारतीय उद्योग का भविष्य स्टील उद्योग के विकास पर निर्भर है। बस्तर क्षेत्र की स्थिति चिंताजनक है। सरकार को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए, अन्यथा देश को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।"
नाचरानी ने कहा, "बस्तर में आगामी कुछ वर्षो में स्थिति और भी चिताजनक हो जाएगी। नक्सलियों का सफाया नहीं किया जा सकता है। मेरा सुझाव है कि सरकार बंदूक के स्थान पर वार्ता के जरिए समस्या का समाधान निकाले।"
राज्य के पुलिस महानिदेशक विश्वरंजन ने भी स्वीकार किया कि नक्सली खनन कंपनियों को धमकी दे रहे हैं। उन्होंने आईएएनएस से कहा, "नक्सली बस्तर क्षेत्र के अंदरूनी इलाकों में खनन कंपनियों खासकर निजी कंपनियों को भयभीत करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन वे इसमें सफल नहीं होंगे।"
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का कहना है कि नक्सली समस्या को लेकर यदि गलतफहमी बनी रहती है तो बस्तर क्षेत्र में हम अपना प्रभुत्व खो देंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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