आडवाणी जानते थे कंधार का सच : ब्रजेश मिश्रा (लीड-1)
मिश्रा ने समाचार चैनल सीएनएन-आईबीएन के साथ बातचीत में कहा, "कंधार विमान अपहरण कांड से संबंधित सभी फैसले सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक में लिया गया था। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी, वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा, रक्षा मंत्री जार्ज फर्नाडीस, विदेश मंत्री जसंवत सिंह इस समिति के सदस्य थे।"
भाजपा से निष्कासित किए गए पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह ने भी पिछले दिनों कहा था कि आडवाणी को इस फैसले की जानकारी थी। सिंह का कहना था कि लोकसभा चुनाव में उन्होंने इस मुद्दे पर आडवाणी का बचाव किया था।
उल्लेखनीय है कि आडवाणी ने कहा था कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि अपहृतों को छुड़ाने के लिए जसवंत सिंह और तीनों आतंकवादी एक ही विमान से कंधार जाएंगे।
आडवाणी के दावों को खारिज करते हुए मिश्रा ने कहा, "मैं इसमें नहीं पड़ता कि आडवाणी ने क्या कहा। मैं सिर्फ आपका ध्यान इस सच्चाई की ओर आकर्षित करना चाहता हूं कि सीसीएस के सदस्यों यशवंत सिन्हा, जार्ज फर्नाडीस और जसंवत सिंह ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि आडवाणी भी उस बैठक में मौजूद थे।"
मिश्रा ने कहा, "सीसीएस में एक प्रस्ताव आया कि जसवंत सिंह को आतंकवादियों के साथ जाना चाहिए। इस पर सीसीएस ने सहमति जताई। जार्ज फर्नाडीस ने भी यह कहा था। हो सकता है कि वह अब इसे भूल गए हों।"
उन्होंने कहा, "अपहृतों की रिहाई के लिए अपहर्ताओं की तरफ से 36 आतंकवादियों को छोड़ने और 20 करोड़ डॉलर की मांग की गई थी। सीसीएस के सभी सदस्यों ने इस मांग का विरोध किया था। तब सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 160 नागरिकों को बचाने के लिए तीन आतंकवादियों को रिहा किया जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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