निर्यात में गिरावट रोकने के लिए विशेष रियायतें (लीड-1)
शर्मा ने नई नीति में शुल्क मुक्त निर्यात प्रोत्साहन योजना को 2010 के अंत तक जारी रखने के अलावा श्रम आधारित क्षेत्रों को विशेष रियायतें और पूंजीगत वस्तुओं के आयात पर शून्य शुल्क लगाने की घोषणा की।
राजधानी के प्रगति मैदान में विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के समक्ष नई नीति जारी करते हुए शर्मा ने कहा, "मेरी प्राथमिकता निर्यात में जारी गिरावट को रोकना है।"
शर्मा ने अगले दो वर्षो के दौरान निर्यात में 15 फीसदी की दर से वृद्धि हासिल करने के साथ वर्ष 2010-11 के लिए 200 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य तय किया है। इसके बाद इसमें 25 फीसदी की वार्षिक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।
देश का व्यापारिक निर्यात वित्त वर्ष 2008-09 के दौरान 168.7 अरब डॉलर रहा जो इससे पिछले वर्ष के 163.13 अरब डॉलर की तुलना में केवल 3.4 फीसदी अधिक था। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में निर्यात में 31.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
शर्मा ने कहा कि वस्तुओं और सेवाओं के वैश्विक निर्यात में देश की हिस्सेदारी 1.53 फीसदी है जो वर्ष 2003 में 0.92 फीसदी थी। वैश्विक व्यापारिक निर्यात में देश की हिस्सेदारी 1.28 फीसदी है।
उन्होंने निर्यातोन्मुख इकाईयों के लिए मार्च 2011 तक रियायतों की घोषणा के साथ निर्यातकों की चिंताओं पर मंत्री स्तरीय समूह द्वारा विचार किए जाने की बात कही। कृषि निर्यात के लिए एकल खिड़की प्रणाली, अनुप्रयुक्त चमड़ों के पुनर्निर्यात की अनुमति और निर्यातोन्मुख सेक्टरों को घरेलू बाजार में 90 फीसदी उत्पाद बेचने की अनुमति देने संबंधी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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