इतिहास का प्रमुख स्रोत बना 16वीं सदी का मैक्सिकन नक्शा
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी डिविनिटी स्कूल के शोधकर्ता डेविड कैरेस्को ने ईएफई से बातचीत में कहा कि मैक्सिन इंडियनों (मैक्सिको के मूल निवासी) द्वारा तैयार यह नक्शा इतिहास लेखन का एक प्रमुख स्रोत है। यह नक्शा मेसोअमेरिकन लोगों के अपनी मूल भूमि (वर्तमान दक्षिण-पश्चिम अमेरिका)से पलायन पर प्रकाश डालता है।
उन्होंने कहा, "15 विद्वानों द्वारा पांच वर्षो(2002-07)तक मेसोअमेरिकन इतिहास पर शोध और लेखन के दौरान यह निष्कर्ष निकाला गया कि कुआउहतिनचन 2 नक्शा(एमसी 2) एक अद्भुत दस्तावेज है। 700 रंगीन चित्रों से लैस यह नक्शा मेसोअमेरिकन इतिहास के नजरिए से इलियड और ओडिसी कहा जा सकता है।"
यह नक्शानुमा दस्तावेज कुआउहतिनचन समुदाय के न सिर्फ नायकों, बल्कि उनमें प्रचलित दवाओं, उनके द्वारा इस्तेमाल पेड़-पौधों, उनके तीर्थ स्थलों, उनके युद्धों, वैवाहिक रीतियों आदि की भी जानकारी देता है।
चित्रों और आरेखों के जरिए इस नक्शे में चिकोमोज्टोक, जिसका मतलब है सात गुफाओं का महल, क्षेत्र के लोगों के पलायन को दिखाया गया है। माना जाता है कि नक्शे का निर्माण मूल आबादी के बीच विवादों का समाधान निकालने के लिए किया गया था।
कई हाथों से गुजरते हुए यह नक्शा 2001 में एक समाजसेवी इसपिनोसा येलसियास को मिला। उन्होंने इसके विश्लेषण के लिए हार्वर्ड के सेंटर ऑफ लैटिन अमेरिकन स्टडीज से संपर्क किया। इस कार्य के लिए हार्वर्ड ने कैरेस्को को चुना।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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