बिहार में बाढ़ का कहर जारी, प्रमुख नदियों में उफान (लीड-1)
बुधवार को भी राज्य की कई नदियां विभिन्न जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिस कारण कई और क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जल संसाधन विभाग द्वारा पटना में बने बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बागमती, कोसी तथा परमार नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष में पदस्थापित सहायक अभियंता विनय कुमार ने बुधवार को बताया कि बागमती नदी रूनीसैदपुर में खतरे के निशान से 1.58 मीटर, बेनीबाद में 0.59 मीटर तथा हायाघाट में 1़ 04 मीटर ऊपर बह रही है जबकि कोसी नदी बसुआ तथा बलतारा में खतरे के निशान को पार कर गयी हैं। इधर, परमार नदी भी अररिया में 0़ 49 खतरे के निशान से ऊपर बह रही है जबकि महानंदा नदी झावा में खतरे के निशान के 0़ 08 मीटर ऊपर बह रही है।
कुमार के मुताबिक आज चार बजे वाल्मीकीनगर स्थित गंडक बैराज में गंडक नदी का जलस्राव 161000 क्यूसेक है जबकि वीरपुर बैराज में कोसी नदी का जलस्राव 157820 क्यूसेक है। दरभंगा के धोईघाट स्थित मिश्रौलिया बांध टूट जाने से शहरी इलाकों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इसके अतिरिक्त केवटी प्रखंड के सिरहुली तथा सिंगवारा प्रखंड के कमतौल मराजी बांध टूटने से बाढ़ का पानी कई नये इलाकों में प्रवेश कर गया है।
दरभंगा के जिलाधिकारी प्राणमोहन ठाकुर ने बुधवार को आईएएनएस को बताया कि जिले में कुल 38 पंचायतों में बाढ़ का पानी फैला हुआ है। उन्होंने बताया कि पानी से घिरे क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। बचाव एवं राहत कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा सुदृढ़ीकरण बल (एनडीआरएफ) की 55 सदस्यीय एक दल जिले में कार्य कर रही है। बाढ़ के कारण राष्ट्रीय राजपथ संख्या-105 पर बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी परिचालन ठप है।
ठाकुर के मुताबिक हनुमाननगर प्रखंड में मंगलवार को एक ही परिवार के तीन बच्चियों की मौत पानी में डूबने से हो गई। जिससे बाढ़ के पानी से जिले में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। इधर, समस्तीपुर जिले के सिंहिया, विथान और कल्याणपुर प्रखंडों के करब 50 गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड में भी दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। मधुबनी जिले में भी बाढ़ के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य तेज करने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक समस्तीपुर जिले के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में 20 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इस जिले में लगभग 20 पंचायतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। सीतामढ़ी जिले के 21 पंचायतों के 30 गांवों और मुजफ्फरपुर के 38 पंचायतों में 158 गांवों में बाढ़ का पानी फैला हुआ है।
सीतामढ़ी जिले के सुरसंड और रूनीसैदपुर प्रखंड में 325 क्विंटल अनाज तथा करीब 56 हजार रुपए बाढ़ पीड़ितों के बीच बांटे जा चुके हैं। मुजफ्फरपुर जिले में भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में चूड़ा और गुड़ बांटे जा रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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