खुद को महिला स्पीकर के रूप में नहीं देखती : मीरा कुमार
उन्होंने कहा, "मैं खुद को महिला स्पीकर के रूप में नहीं देखती। मैं इस पद को महिला और पुरुष के संदर्भ में नहीं देखती। मेरी जिम्मेवारी है पूरी तरह तटस्थ होकर सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करना।" उन्होंने महिला पत्रकारों से रू-ब-रू होते हुए यह कहा।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं अपने अधिकारों के लिए विभिन्न स्तरों पर संघर्ष कर रही है और समाज ने इस बदलाव को स्वीकार करना शुरू कर दिया है। जैसे-जैसे महिलाओं का संघर्ष जोर पकड़ रहा है समाज में उनकी स्वीकार्यता भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "स्पीकर पद पर अपने चयन को मैं समाज की बढ़ती परिपक्व ता और समाज में महिलाओं के बढ़ते सम्मान के तौर पर देखती हूं।"
उन्होंने कहा कि बतौर स्पीकर यह सुनिश्चित करना उनका कर्तव्य है कि सभी सदस्यों को सदन में अपनी बात रखने की छूट मिले।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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