पन्ना की खानों से 100,000 कैरट हीरा उत्पादित करने का सरकारी लक्ष्य
शिमला, 26 अगस्त (आईएएनएस)। सरकारी कंपनी राष्ट्रीय खनन विकास निगम(एनएमडीसी) ने मध्य प्रदेश की मशहूर पन्ना हीरा खानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है। कंपनी ने 2010-11 तक इन खानों से सालाना 100,000 कैरट हीरा उत्पादित करने का लक्ष्य रखा है। यह जानकारी यहां इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह ने दी।
पर्यावरण कारणों से चार वर्षो तक बंद रहने के बाद पन्ना की खानों को इस महीने फिर से खोला गया। इस्पात मंत्रालय के अधीन एनएमडीसी पूरे देश में खानों से खनिज निकालती है। वीरभद्र सिंह ने जाखू पहाड़ी पर बने अपने हॉली लॉज में आईएएनएस संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा, "हमने अगले वित्त वर्ष से पन्ना खानों से सालाना एक लाख कैरट हीरा उत्पादित करने की योजना पर 20 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए हैं। हमने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि वह एनएमडीसी को पन्ना खनन क्षेत्र में अधिक बड़े दायरे में खनन करने की अनुमति दे। राज्य का छतरपुर जिला भी हीरा निक्षेप वाला इलाका है।"
उन्होंने कहा कि इससे हीरा तराशी और कटाई उद्योग को भारी बढ़ावा मिलेगा। मंत्री ने कहा कि कंपनी मध्य प्रदेश के दूसरे इलाकों में भी हीरे की खोज करना चाहती है। शहडोल और उमरिया जिले भी इस संभावना से भरे है। पन्ना की खानें एशिया की सबसे बड़ी मशीनीकृत हीरा खानें हैं। यहां 1968-69 में 12,500 कैरट प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता के साथ उत्पादन कार्य शुरू हुआ। मंत्री ने बताया कि कंपनी ने इस साल पन्ना से 35,000 कैरट हीरा उत्पादित करने का लक्ष्य रखा है। अगले दो महीनों में 5000 कैरट हीरा उत्पादित करने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि इन खानों की क्षमता के व्यापक विस्तार से न सिर्फ हीरा उद्योग को भारी बढ़ावा मिलेगा, बल्कि अतिरिक्त रोजगार भी सृजित होगा। यह कंपनी 250 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मुहैया कराएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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