पूर्व मॉडल को सजा देने के हक में नहीं मलेशियाई सरकार
कुआलालंपुर, 26 अगस्त (आईएएनएस)। मलेशियाई नेता अपने देश की उदार और बहु जातीय छवि बनाए रखने के लिए पूर्व मॉडल दंडित करने के हक में नहीं है।
कार्तिका सारी देवी सुकर्णो को सार्वजनिक स्थल पर बीयर पीने के जुर्म में छह कोड़े लगाने की सजा सुनाई गई है। सरकार ने जहां उसकी सजा रद्द करने का संकेत दिया है वहीं कार्तिका ने मंगलवार को एक अदालत का रुख कर कहा है कि उसे सजा से भागने वाली नहीं करार दिया जाए।
उसने सजा के खिलाफ अपील दाखिल करने से इंकार करते हुए कहा अगर सरकार यह सजा रद्द करना चाहती है तो उसे यह कदम खुलकर उठाना चाहिए।
कार्तिका ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं अपील नहीं करूंगी, मुझे सजा दीजिए। मेरा वक्त बर्बाद नहीं कीजिए।"
महिला, परिवार एवं सामुदायिक विकास मंत्री शाहरिजात अब्दुल जलील ने इस सजा के अति कठोर होने की बात झुठलाते हुए कहा, "हम सिर्फ कार्तिका के लिए ही नहीं बल्कि इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि इससे शरिया कानूनों को निष्पक्ष ढंग से लागू करने की मलेशिया की छवि को नुकसान पहुंचेगा।"
सरकार जहां रमजान के महीने में सजा देना टाल रही है वहीं मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब तुन रज्जाक ने कहा कि कार्तिका के पास अपील करने का रास्ता अभी बचा हुआ है। उन्होंने कार्तिका से अपील करने का अनुरोध किया। उसे सुनाई गई सजा अखबारों की सुर्खी बनी है और मलेशिया की उदारवादी मुस्लिम बहुल देश वाली छवि धूमिल हुई है।
उधर मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री माहतिर मोहम्मद ने कहा है कि कार्तिका को सुनाई गई जुर्माने और छह कोड़े लगाने की सजा काफी सख्त है। उन्होंने अपने ब्लॉग में जानना चाहा है कि क्या इस्लाम पहली बार जुर्म करने वालों के प्रति रहम नहीं दिखाता।
मलेशिया की बार कौंसिल ने भी इस फैसले का विरोध किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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