यात्रियों को चुकाना होगा हवाई अड्डा विकास शुल्क : दिल्ली उच्च न्यायालय (लीड-1)
मुख्य न्यायाधीश अजीत प्रकाश शाह और न्यायमूर्ति मनमोहन की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा,"एडीएफ लागू करने में हमने कोई अनियमितता नहीं पाई।"
न्यायालय ने कहा कि यदि भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण यात्रियों की सुविधा के लिए कार्य कर रहा है तो उसे एडीएफ लगाने का अधिकार है।
न्यायालय ने भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण, दिल्ली इंटरनेशनल एथॉरिटी लिमिटेड (डीआईएएल) और मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (एमआईएएल) के तर्को को सुनने के बाद पिछले सप्ताह अपना आदेश सुरक्षित कर लिया था।
जनहित याचिका में एक मार्च 2009 से घरेलू उड़ानें पकड़ने वाले सभी यात्रियों से 200 रुपये और विदेशों के लिए उड़ानें पकड़ने वालों से 1300 रुपये वसूलने को चुनौती गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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