भाजपा पर चाबुक चलाए आरएसएस: शौरी

Arun Shourie
नई दिल्ली। आंतरिक कलह से जूझ रही भारतीय जनता पार्टी को सोमवार को एक और बड़ा झटका तब लगा जब वरिष्‍ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने पार्टी की खिचाई की। शौरी ने मीडिया को दिए गए साक्षात्‍कार के दौरान पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा और बोले कि आरएसएस को आगे आकर भाजपा पर चाबुक चलाना होगा।

अरुण शौरी ने कहा कि मौजूदा नेतृत्व से भाजपा का भला नहीं हो सकता। इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को आगे आकर चाबुक चलाना होगा और पूरी पार्टी का कायाकल्प करना होगा। वह भी नीचे के स्तर से नहीं बल्कि शीर्ष स्तर से।

पार्टी के पुनर्गठन की जरूरत

शौरी ने कहा, "पार्टी का पुनर्गठन करने की जरूरत है। नीचे से ऐसा करने में 25 साल लग जाएंगे। इसलिए शीर्ष स्तर पर यह पुनर्गठन करना होगा। पार्टी का कायाकल्प करना होगा। यह वर्तमान नेतृत्व से नहीं होगा। मौजूदा नेतृत्व तो म्यूचुअल प्रोजेक्टिंग और प्रोटेक्टिंग सोसाइटी बन गई है। आरएसएस को चाबुक चलाना होगा।"

यह पूछे जाने पर कि क्या आडवाणी को अपना पद छोड़ देना चाहिए। इसके जवाब में शौरी ने कहा, "एक आदमी के हटने से बिल्कुल कुछ नहीं होगा। एक दो नहीं सारी की सारी टॉप लीडरशीप को हटाना होगा। राज्यों से मेहनती और ईमानदार नेताओं को चुनकर आगे लाना होगा।"

अब और कोई विकल्‍प नहीं

शौरी ने कहा, "मुझ पर कार्रवाई की बात की जा रही है। पार्टी नेतृत्व उठाए गए मुद्दों व समस्याओं को नहीं देख रहा है। वह कार्रवाई की बात कर रहा है। .. तो कर लो कार्रवाई। मैं आज नहीं पिछले तीन वर्षो से कह रहा हूं। आरएसएस और भाजपा के शीर्ष नेताओं तक के सामने मैंने पार्टी हित में मुद्दे उठाए। लेकिन कुछ नहीं हुआ। जब कोई विकल्प नहीं रहा तभी मैं बोल रहा हूं।"

भाजपा से निकाले गए पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के निष्कासन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "किताब पढ़े बिना उन्हें निष्कासित कर दिया गया। यह तो कमाल है। यह निर्मित नाराजगी थी। पुस्तक का उत्तर पुस्तक होता है। ऐसी कार्रवाई का कोई फायदा नहीं।" पार्टी के मौजूदा हालात पर कड़े तेवर अपनाते हुए शौरी ने इससे पहले एक टेलीविजन चैनल से साक्षात्कार में भाजपा नेतृत्व में आमूल-चूल परिवर्तन की बात कही।

जो बोले वो अनुशासनहीन

शौरी ने कहा कि पार्टी की समस्याओं को उठाने के प्रयासों को अनुशासनहीनता करार दिया जा रहा है। शौरी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने कुछ मुद्दों को उठाते हुए पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को पत्र लिखा था, जिसके बारे में उनके किसी करीबी को भी नहीं पता था और न ही मैंने इसे मीडिया में लीक की लेकिन इसके एवज में मुझ पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की धमकी दी गई।

गत रविवार को भाजपा छोड़ने का ऐलान करने वाले सुधीन्द्र कुलकर्णी, जो कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के सहयोगी रहे हैं, ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि बड़ी संख्या में भाजपा के प्रतिबद्ध कार्यकर्ता मौजूदा हालातों के ठीक होने का शिद्दत से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को पार्टी का सिर्फ एक ही नेता संभाल सकता है वह है लालकृष्ण आडवाणी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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