दिल्ली में लड़कियां ज्यादा, लड़के कम
रिपोर्ट को सरकार के अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय और जन्म एवं मृत्यु के मुख्य पंजीयक कार्यालय ने जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार लिंग अनुपात वर्ष 2005 में 820 और वर्ष 2007 में 848 था। रिपोर्ट से पता चलता है कि 2007 के मुकाबले 2008 में अस्पतालों के अलावा अन्य स्थानों पर 13,441 अधिक कन्याओं का जन्म हुआ। पिछले वर्ष के मुकाबले वर्ष 2008 में दिल्ली में कुल 19,000 अधिक कन्याओं के जन्म का पंजीकरण कराया गया।
वर्ष 2007 में कन्याओं का पंजीकरण 1.48 लाख हुआ था, जो वर्ष 2008 में बढ़कर 1.67 लाख हो गया। यह भी बताया गया है कि 2008 में 3.34 लाख शिशुओं के जन्म का पंजीकरण कराया गया जबकि यह संख्या 2007 में 3.22 लाख थी। कुल पंजीकृत नवजातों में से 1,66,583 यानी 49.89 प्रतिशत लड़के और 1,67,325 यानी 50.11 कन्याएं थीं।
रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि 2007 में 1.74 लाख लड़कों का और 1.48 लाख कन्याओं के जन्म का पंजीकरण हुआ था। दिल्ली में प्रतिदिन औसत जन्म संख्या वर्ष 2008 में 915 रही जबकि 2007 में यह संख्या 885 थी। दिल्ली में हुए कुल जन्म पंजीकरण का मात्र 4.55 प्रतिशत ग्रामीण दिल्ली में हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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