नरेगा के असर पर केंद्र सरकार की नजर
केंद्र सरकार उस तस्वीर को भी हासिल करने की इच्छा रखती है जिससे पता चल सके कि योजना का लाभ हासिल करने वाले परिवारों के जीवन स्तर में कितना बदलाव आया है।
केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना को कानूनी दर्जा मिलने के साथ ही जरूरतमंद परिवारों के कम से कम एक सदस्य को वित्तीय वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गांरटी मिली है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय इस योजना के प्रभाव को जानना चाहता है। इसके लिए देश के तीन राज्यों मध्यप्रदेश, आधंप्रदेश और राजस्थान के कुल 900 गांवों का चयन किया गया है जहां सर्वेक्षण कराया जाएगा ।
सर्वेक्षण की जिम्मेदारी भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन को सौंपी गई है। मध्यप्रदेश के पश्चिम क्षेत्र के सहायक निदेशक मनोज वर्मा के अनुसार प्रदेश में इस सर्वेक्षण के लिए 304 गांवों का चयन किया गया है ।
इस सर्वेक्षण के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि संबंधित परिवारों की सामाजिक व आर्थिक स्थिति कैसी है, लोक निर्माण के कार्यो में उनकी कितनी भागीदारी है, नरेगा के प्रति कितनी जागरूकता है, ग्रामसभा की बैठक में योजना की चर्चा होती है या नहीं और इस योजना से कितने परिवार लाभान्वित हुए है।
साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इस योजना के तहत परिवारों को कितने दिन काम मिला है, भुगतान की क्या स्थिति रही है और योजना में काम करने वाले परिवारों के जीवन स्तर पर क्या प्रभाव पड़ा है।
इस सर्वेक्षण को केंद्र सरकार की ओर से इस योजना का रिपोर्ट कार्ड माना जा रहा है क्योंकि कांग्रेस के गठबंधन सरकार की यह सबसे महत्वपूर्ण योजना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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