शादी नहीं रचा सके दो समलैंगिक युवक
घटना जिले के बड़ौत कस्बे की है, जहां सोमवार को एक प्राचीन मंदिर में दो 23 व 20 वर्षीय समलैंगिक युवक शादी रचाने गए थे।
उस दौरान मंदिर में मौजूद रहे स्थानीय अमित सैनी ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया कि दोनों युवक फूलों के हार, नये कपड़े और पूजा में प्रयुक्त होने वाले सामान के साथ मंदिर पहुंचे। पहले हमें लगा कि दोनों पूजा करने आए हैं।
धर्मेंद्र कश्यप ने कहा कि मंदिर की परिक्रमा करने के बाद दोनों मंदिर के पुजारी के पास गए और कहा कि वे एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं। दोनों ने पुजारी से शादी कराने के लिए कहा। यह सुनकर पुजारी ने शादी कराने से मना करते हुए कहा कि यह हिंदू मान्यताओं के खिलाफ होगा।
कश्यप के मुताबिक कई बार अनुरोध करने पर जब पुजारी ने शादी कराने के लिए हां नहीं की तो दोनों समलैंगिक गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने लगे। इस पर पुजारी ने शोर मचा दिया जिससे मंदिर में पूजा करने वाले लोगों के अलावा आस-पास के लोग मौके पर पहुंच गये और उन्होंने दोनों समलैंगिकों की पिटाई कर वहां से भगा दिया।
मंदिर परिसर से भगाये जाने के बाद दोनों समलैंगिक युवक स्थानीय पत्रकारों के पास पहुंचे और समलैंगिकता को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए मदद की गुहार लगाई।
जिले के पुलिस अधीक्षक(ग्रामीण) महेंद्र पाल सिंह से जब इस बारे आईएएनएस ने पूछा तो उन्होंने कहा कि स्थानीय पत्रकारों के माध्यम से घटना हमारे संज्ञान में आई है। घटना की जानकारी ली जा रही है। पुलिस की तरफ से इस मामले पर न्यायसंगत कार्रवाई की जाएगी।
सिंह ने कहा कि अभी तक दोनों समलैंगिक युवक पुलिस के पास मदद के लिए नहीं आए हैं। अगर वे सुरक्षा के लिए हमारे पास आएंगे तो हम उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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