'पाकिस्तान का नया कानून तलाक को बढ़ावा देगा'
सीआईआई का कहना है कि हाल ही में लागू घरेलू हिंसा(रोकथाम और सुरक्षा) कानून से बूढ़ों, कमजोर लोगों की समस्याएं और बढ़ जाएंगी। पाकिस्तान की संसद ने हाल ही में इस कानून पर मुहर लगाई थी।
सीआईआई का कहना है कि इस कानूनी दस्तावेज में कहा गया है कि महिलाएं और बच्चे घरेलू हिंसा के शिकार होते रहे हैं। इसमें बुजुर्गो व कमजोर लोगों के हितों की अनदेखी की गई है।
इसने अपने एक बयान में कहा है, "यह इस सिद्धांत के खिलाफ है कि कानून के सामने हर कोई बराबर है। लगता है इसे तैयार करने से पहले व्यापक मशविरा नहीं किया गया।"
सीआईआई एक ऐसा संवैधानिक निकाय है जो इस्लाम के संदर्भ में ऐसे कानूनों की प्रासंगिकता का आकलन करती है। उसका दावा है कि यह कानून रिश्वतखोरी और शोषण को बढ़ावा देगा।
इस कानून के तहत दोषी को एक साल की सजा दी जा सकती है और उस पर 200,000 रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसमें यह भी प्रावधान है कि अगर शिकायतकर्ता महिला झूठी साबित होती है तो उसे छह महीने की सजा और 50,000 रुपए का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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