विदेश नीति और घरेलू नीति के बीच अभिन्न संबंध : प्रधानमंत्री
विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित सम्मेलन के दूसरे दिन राजदूतों को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि विदेश नीति का उद्देश्य गरीबी, अज्ञानता और बीमारियों जैसी देश की चुनौतियों से निपटना होना चाहिए, जो सरकार की प्राथमिक चिंताएं है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक मंदी के इस दौर में भी भारत दुनिया में सबसे तेज गति से विकास करने वाला दूसरा देश है। उन्होंने कहा कि गरीबी और बीमारी की चुनौतियों का अगर हमें सही तरीके से मुकाबला करना है तो अर्थव्यवस्था को तेज विकास की पटरी पर लौटाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने की जरूरत है।
इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने विदेश नीति के तीन प्रमुख आधारों का उल्लेख किया। इनमें निवेश प्रयासों को गति देने के लिए सतत पूंजी प्रवाह, विश्व में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास का लाभ उठाने की जरूरत, और देश में प्राकृतिक संसाधन की कमी से विकास अवरुद्ध न हो, इसे सुनिश्चित करना शामिल है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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