नई पीढ़ी के भारतीय वैज्ञानिकों को तराश रहा है ब्रिटिश विश्वविद्यालय
इन छात्रों को एक अनूठे छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत यहां लाया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय वैज्ञानिकों की नई जमात तैयार करना है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), बंगाल इंजीनियरिंग एंड सायंस यूनिवर्सिटी(बेसू) और एमिटी विश्वविद्यालय के 32 छात्रों के एक दल ने क्वीन्स विश्वविद्यालय में तीन सप्ताह बिताए। यह विश्वविद्यालय ब्रिटेन के शीर्ष 20 गहन शोध विश्वविद्यालयों के समूह रसेल ग्रुप में शामिल है। ये छात्र क्वीन्स इंडिया वेलकम स्कीम के तहत यहां आए थे। इसका उद्देश्य विज्ञान और तकनीकी के भारतीय छात्रों को भविष्य का वैज्ञानिक बनने में मदद देना है।
हाल ही में राष्ट्रमंडल के महासचिव कमलेश शर्मा को इस विश्वविद्यालय का उपकुलपति नियुक्त किया गया। भारतीय छात्रों को इस परिसर में अनुभवी वैज्ञानिकों से तकनीकी और विज्ञान क्षेत्र की बारीकियों से अवगत होने का मौका मिला।
इस कार्यक्रम के अलावा यह संस्थान दिल्ली और कोलकाता के कुछ स्कूलों के साथ मिलकर एक अग्रगामी योजना भी संचालित कर रहा है। क्वीन्स इंडिया वेलकम स्कीम के निदेशक एम. सतीश कुमार कहते हैं कि ज्ञान के आदान-प्रदान का यह सिलसिला और मजबूत होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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