'मैडम तुसॉद संग्रहालय का ग्रामीण संस्करण'

कोल्हापुर(महाराष्ट्र), 25 अगस्त (आईएएनएस)। बच्चे पेड़ के नीचे गुरुकुल शैली में पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं किसान खेत में भोजन कर रहे हैं और आस-पास पशु चारा चर रहे हैं। यह किसी भारतीय गांव का नजारा हो सकता है, पर जिस नजारे की बात हो रही है, वह एक ऐसे अनूठे संग्रहालय का नजारा है जो लंदन के मैडम तुसॉद मोम संग्रहालय का भारतीय ग्रामीण संस्करण कहा जा सकता है।

दक्षिण मुंबई से करीब 400 किलोमीटर दूर कोल्हापुर जिले में है यह अनूठा संग्रहालय। ग्रामीण जिंदगी की छवियों को यहां मूतिर्यो में समेटने की कोशिश की गई है। इस संग्रहालय का नाम सिद्धगिरि म्यूजियम है जिसकी स्थापना मैडम तुसॉद मोम संग्रहालय से प्रेरित होकर की गई है।

इस संग्रहालय की स्थापना करने वाले सिद्धगिरि गुरुकुल ट्रस्ट के प्रमुख अदृश्य कधसिद्धेश्वर स्वामी ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "यूं तो हमने इसकी प्रेरणा मैडम तुसॉद संग्रहालय से ली है, पर यह संग्रहालय महात्मा गांधी की विचारधारा से प्रभावित है। गांधी जी हर गांव को आत्मनिर्भर देखना चाहते थे। वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में अहम स्थान दिलाना चाहते थे। यह संग्रहालय भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्ता को दर्शाता है।"

संग्रहालय में कई प्राचीन संतों की मूर्तियां हैं। उदाहरण के लिए एक पेड़ के नीचे महर्षि पातंजलि को प्राचीन शैली में कक्षा लेते दिखाया गया है। कुछ ही मीटर की दूरी पर महर्षि कश्यप को एक रोगी का इलाज करते दिखाया गया है। यहां महर्षि कणाद को वैज्ञानिक शोध में लीन देखा जा सकता है, वहीं महर्षि वराहमिहिर ग्रह-नक्षत्रों की दुनिया से अपने शिष्यों को अवगत कराते नजर आते हैं।

ईंट, पत्थरों से निर्मित इस संग्रहालय में प्रतिमाओं का निर्माण सीमेंट से किया गया है। इसके लिए करीब 80 कुशल मूर्तिकारों की सेवा ली गई। इसके प्रबंधक इसे खुला प्रदर्शन परिसर कहना पसंद करते हैं, जहां की मूर्तियां बारिश, गर्मी आदि को झेलने के बावजूद अपनी चमक बनाए हुई हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

**

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+