भारत को जानकारी नहीं देंगे स्विस बैंक

स्विस बैंकर एसोसिएशन (एसबीए) के जेम्स नेसन का कहना है कि स्विस कानून व आर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) के कर समझौते के तहत ग्राहकों के नाम व खातों की जानकारी देने की अनुमति नहीं है। वह सिर्फ उन्हीं मामलों की जानकारी देने पर विचार कर सकते हैं, जो कानूनी रूप से अनिवार्य हों। भारत सरकार को इसके लिए स्विस अधिकारियों को पूर्ण विश्वास में लेना होगा।
अमेरिका को दी जानकारी
पिछले सप्ताह स्विटजरलैंड व अमेरिका के बीच एक समझौता हुआ है। इसके तहत शीर्ष स्विस बैंक यूबीएस एजी ने 4450 से ज्यादा गुप्त खातों की जानकारी अमेरिका की आंतरिक राजस्व सेवा को मुहैया कराई है। हालांकि भारत को ऐसी कोई सुविधा देने से बैंक ने इंकार कर दिया।
स्विस बैंकर्स एसोसिएशन के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि भारत सीधे तौर पर अपनी डायरी स्विटजरलैंड के सामने रख कर यह नहीं कह सकता है कि क्या इन लोगों के बैंक खाते यहां हैं।
गौरतलब है कि इस साल हुए चुनावों के दौरान स्विस बैंकों में जमा भारतीय पैसों को वापस लाने का मुद्दा काफी जोर-शोर से उठा था। सरकार ने हाल ही में कहा था कि स्विस बैंकों में जमा भारतीय भारतीयों के धन के बारे में वह वहां की सरकार से संपर्क कर रही है। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संसद में बताया था कि सरकार देश से बाहर जमा काले धन को वापस देश में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।


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