'जलवायु परिवर्तन की चर्चा में जल को शामिल करें'
प्रतिभागियों ने कहा कि पीने के पानी की उपलब्धता का अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, कृषि और जीवन के अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के मसले पर होने वाली बैठकों में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होती है।
विश्व जल सप्ताह सम्मेलन में 2,500 से अधिक वैज्ञानिक, राजनीतिज्ञ और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। स्टॉकहोम स्थित अंतर्राष्ट्रीय जल संस्थान के निदेशक एंड्रेस बर्नटेल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पर बातचीत तभी सार्थक होगी, जब उसमें जल मसले को भी शामिल किया जाएगा।
जल विशेषज्ञों का कहना है कि विश्व में एक अरब लोगों तक पीने का पानी नहीं पहुंच रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications