विधानसभा चुनाव से पूर्व अलग हुए भाजपा और इनेलो (लीड-2)
भाजपा महासचिव व हरियाणा के प्रभारी विजय गोयल ने संवाददाताओं से चर्चा में सोमवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा, "हमने इनेलो से अपना गठबंधन तोड़ लिया है। पार्टी ने विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ने का फैसला किया है।"
उन्होंने कहा, "यह गठबंधन हमारे कारण नहीं बल्कि सीटों के बंटवारे पर इनेलो के अड़ियल रवैये के कारण टूटा है। हरियाणा की हमारी इकाई गठबंधन को लेकर खुश नहीं थी। सीटों के बंटवारे को लेकर कई दौर की बातचीत हुई। हमने अपने हिस्से की सीटें बढ़ाने के लिए उन्हें मनाने का प्रयास किया लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हुए।"
गोयल ने कहा, "इनेलो से अलग होने का फैसला पिछले दिनों शिमला में हुई तीन दिवसीय चिंतन बैठक में ही ले लिया गया था। पार्टी आलाकमान ने यहां अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। हमारा मुख्य उद्देश्य कांग्रेस को सत्ता से बाहर रखना होगा।"
उन्होंने कहा, "हमने अपनी तैयारी आंरभ कर दी है। उम्मीद है हम अच्छे उम्मीदवारों को मैदान में उतारेंगे।"
उधर, भाजपा के आरोपों का खंडन करते हुए इनेलो के महासचिव व ओमप्रकाश चौटाला के बेटे अजय चौटाला ने पत्रकारों से कहा, "भाजपा के इस फैसले के पीछे क्या कारण है इसके बारे में हमें नहीं पता है। हमारी तरफ से कोई समस्या नहीं थी।"
उन्होंने कहा, "यह आश्चर्यजनक है कि भाजपा की तरफ से हमें न तो इस बारे में कोई सूचना दी गई या ना ही कोई संकेत। हम जल्द ही बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगे।"
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इनेलो ने उन्हें 30 से अधिक सीट देने से इंकार कर दिया था जबकि पार्टी 45 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाह रही थी। विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया ने हरियाणा कैबिनेट की सिफारिश पर विधानसभा भंग कर दी थी। राज्य में अक्टूबर महीने में चुनाव संभावित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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