बिहार में बाढ़ का कहर जारी, एनएच 105 पर आवागमन ठप (लीड-1)

पटना, 24 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार तथा नेपाल के सीमांचल क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इस बाढ़ से पांच लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित हुई है वहीं पांच लोगों के मरने की खबर है। हालांकि अपुष्ट खबर के मुताबिक प्रभावित लोगों की संख्या दस लाख से ज्यादा बताई जा रही है। इधर, राज्य की प्रमुख नदियों में पानी के बढ़ने का सिलसिला जारी है।

जल संसाधन विभाग के पटना स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष की मानें तो अगले चौबीस घंटे में राज्य की प्रमुख नदियों में और पानी बढ़ने की संभावना है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष में पदस्थापित सहायक अभियंता मनोरंजन वर्मा ने सोमवार को बताया कि कोसी नदी जहां बसुआ में खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है वहीं कमला बलान झंझारपुर में खतरे के निशान को पार करते हुए 36 सेंटमीटर ऊपर बह रही है। दूसरी तरफ महानंदा इनावा में तथा बागमती बेनीबाद तथा रूनीसैदपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

उन्होंने बताया कि महानंदा को छोड़कर सभी नदियों में जल बढ़ने की संभावना है।

वर्मा ने बताया कि आज छह बजे शाम को वाल्मीकीनगर स्थित गंडक बराज में जलस्राव 177800 क्यूसेक जबकि बीरपुर बैराज में कोसी नदी का जलस्राव 157600 क्यूसेक तथा बराह क्षेत्र में कोसी का जलस्राव 147125 क्यूसेक है।

दरभंगा और मधुबनी जिले के करीब एक दर्जन प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं वहीं अररिया के कई इलाकों में बाढ़ के पानी के कम होने का समाचार है। दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान, घनश्यामपुर, किरतपुर, बिरौल, केवटी और जाले प्रखंड में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है जिससे करीब एक लाख लोग प्रभावित हुए हैं। जाले प्रखंड में बागमती नदी का बांध टूट जाने के कारण दरभंगा-जयनगर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या (एनएच) 105 पर कई स्थानों पर सड़क को नुकसान पहुंचा है।

दरभंगा के जिलाधिकारी प्राणमोहन ठाकुर ने सोमवार को आईएएनएस को बताया कि जिले के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का पानी कम हुआ है तो कुछ नये क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश भी किया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण जिले में एक की मौत हुई है।

उन्होंने बताया कि एनएच 105 पर एक किलोमीटर तक बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है जिसके कारण अगले आदेश तक इस पथ पर आवागमन रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा सुदृढ़ीकरण बल (एनडीआरएफ) का एक दल जिले में पहुंच गया है जिन्हें आज बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए भेजा जा रहा है।

किशनगंज जिले में भी बाढ़ का तांडव जारी है। बाढ़ के कारण जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड का जिला मुख्यालय से संपर्क भंग हो गया है। किशनगंज के अनुमंडल पदाधिकारी खुर्शीद आलम ने सोमवार को बताया कि जिले में अब तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या चार तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में 15 अस्थायी राहत कैम्प चलाए जा रहे हैं तथा बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य चलाये जा रहे हैं।

मधुबनी जिले में मधेपुर प्रखंड की नौ ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है। जिले के फुलफरास अनुमंडल के बथनाहा में बाढ़ से एक के मौत की खबर है परंतु इसकी पुष्टि अब तक नहीं हुई है। एनएच 104 पर मंसापुर-नरहिया के बीच बाढ़ का पानी फैल गया है जिससे आवागमन बाधित है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि सभी तटबंध सुरक्षित हैं। विभाग के एक अधिकारी का दावा है कि जहां तटबंध में कटाव हो रहा है उसे रोकने के उपाय किये जा रहे हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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