बिहार के डीजीपी के 'तिलक' लगाने पर उठा विवाद
एसोसिएशन के लोगों ने डीजीपी के तिलक लगाने को ही पुलिस के नियम के विरुद्घ बताया है। बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र नारायण सिंह ने सोमवार को बताया कि डीजीपी 65 हजार पुलिसकर्मियों के कप्तान हैं, और वे प्रतिदिन वर्दी में माथे पर बड़ा तिलक लगाकर कार्यालय आते हैं, जो पुलिस की नियम के खिलाफ है। जो खुद पुलिस के नियम के खिलाफ कार्य कर रहा हो वह एसोसिएशन के लोगों को वर्दी पहनने की क्या नसीहत देंगे।
एसोसिएशन के महामंत्री अरविन्द कुमार यादव का कहना है कि डीजीपी द्वारा माथे पर तिलक लगाकर कार्यालय आना पुलिस हस्तक नियम 1061-ग का उल्लंघन है।
एसोसिएशन के तिलक लगाने के विरोध पर डीजीपी का कहना है कि उन्होंने एसोसिएशन के ऐसे किसी विरोध की रिलीज नहीं देखी है फिर भी अगर एसोसिएशन के लोगों ने इस तरह की मांग की है तो वह पुलिस मैनुअल देखेंगे। पुलिस हस्तक नियम में अगर चंदन लगाने का प्रावधान नहीं होगा तो वह भी चंदन नहीं लगाएंगे।
उल्लेखनीय है कि डीजीपी शंकर ने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर एसोसिएशन के लोगों को खादी छोड़कर खाकी पहनने की सलाह दी थी। जिसके बाद एसोसिएशन के लोगों ने इसका विरोध प्रारंभ कर दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications