भारतीय राजदूतों का सम्मेलन शुरू, एजेंडे में पाकिस्तान शीर्ष पर
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भारतीय विदेश नीति के पारंपरिक मूल्यों को आगे बढ़ाने पर जोर देने के साथ ही कृष्णा ने जलवायु परिवर्तन, वैश्विक वित्तीय संकट और बहुपक्षीय व्यापार वार्ता जैसे मुद्दों से निपटने के लिए राजदूतों से अपने कौशल में और निखार लाने को कहा।
उन्होंने पड़ोसी देशों और अमेरिका, रूस तथा यूरोपीय संघ जैसी बड़ी शक्तियों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए नए सिरे से प्रयास करने पर भी जोर दिया।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम.के.नारायणन ने देश की सुरक्षा रणनीति, परमाणु मुद्दों पर रुख और वैश्विक आतंकवाद सहित सीमा पार आतंकवाद से निपटने की भारतीय सुरक्षा रणनीति पर जोर दिया।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के सत्ता में आने के बाद सभी भारतीय राजदूतों की बंद दरवाजे के भीतर हो रही यह पहली बैठक है। मुंबई पर 26/11 को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत के अक्रामक कूटनीतिक अभियान की पृष्ठभूमि में पिछले वर्ष दिसम्बर में इस तरह की एक बैठक आयोजित की गई थी।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मंगलवार को देश के राजदूतों को संबोधित करने की उम्मीद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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