कुछ लोगों के हाथ-पांव असामान्य रूप से बड़े क्यों होते हैं?
इस शोध निष्कर्ष से अंगों के असामान्य रूप से बढ़ जाने की बीमारी यानी महांगता (ऐक्रोमेगली) की सटीक जांच में मदद मिलेगी। यह बीमारी पीयूष-ग्रंथि(पिट्युटरी) में ट्यूमर होने से होती है। अगर समय पर इसका इलाज नहीं हुआ तो रोगी की मौत भी हो सकती है।
बीमारी का शुरुआत में ही पता लगाना कठिन है, क्योंकि यह अपने विस्तार के कई चरणों बाद अपने लक्षणों को प्रकट करती है।
शोधकर्ताओं ने मलेशिया के बोर्नियो पर्वतीय इलाके में एक ऐसे आदिवासी परिवार पर शोध कर यह निष्कर्ष निकाला है जिसके कई सदस्य इस बीमारी की चपेट में है। सबसे पहले इस परिवार का मुखिया इसकी चपेट में आया। यूनिवर्सिटी ऑफ मलाया, वैन एंडेल रिसर्च इंस्टीट्यूट (वीएआरआई) और मलेशिया के क्वीन एलिजाबेथ हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं की टीम ने शोध को अंजाम दिया।
वीएआरआई के शोधकर्ता बिन टीन तेह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "हमने इस परिवार के सदस्यों के रक्त नमूनों की जांच की थी। इन लोगों के एआईपी जीन में असामान्य उत्परिवर्तन(म्यूटेशन) के सबूत पाए गए।" उल्लेखनीय है कि दुनिया में प्रति 10 लाख लोगों में से 4,676 लोग इस बीमारी के शिकार हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications