मानसून में सुधार से हिमाचल के सेब उत्पादकों में प्रसन्नता

विशाल गुलाटी

शिमला, 23 अगस्त (आईएएनएस)। देश के प्रमुख सेब उत्पादक राज्य हिमाचल प्रदेश में मानसून में सुधार से किसानों के चेहरों पर प्रसन्नता थोड़ी लौटी है। सूखे जैसी स्थिति के कारण राज्य में सेब उत्पादन में 35-40 प्रतिशत की गिरावट आई है।

सोलन स्थित वाई.एस.परमार बागवानी और वन विश्वविद्यालय के संयुक्त निदेशक एस.पी.भारद्वाज ने आईएएनएस को बताया,"काफी विलंब से लेकिन पिछले 15 दिनों से हो रही वर्षा से अभी तक बची सेब की फसल को निश्चित रूप से लाभ होगा।"

उनके अनुसार वर्षा के बाद बढ़ी नमी से सेब की फसल को अपना अधिकतम आकार (85 से 100 मिलीमीटर) और वास्तविक रंग हासिल करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही लंबे दिन और छोटी रातों से सेब को पकने का आदर्श वातावरण भी मिल रहा है।

बागवानी निदेशक गुरदेव सिंह के अनुसार सूखे जैसी स्थिति के कारण मझोली ऊंचाई की पहाड़ियों पर फसल के खराब होने से सेब उत्पादन में 35-40 प्रतिशत की गिरावट आई है।

मौसम विभाग के अनुसार शिमला के और कुल्लू घाटी के मंडी जिले में अगले 15 दिनों में सेब की फसल तैयार हो जाएगी।

सिंह ने बताया कि इस वर्ष हिमाचल प्रदेश में 25 किलोग्राम की कुल 1.8 करोड़ पेटी सेब उत्पादन की उम्मीद है। पिछले वर्ष 2.6 करोड़ पेटी सेब का उत्पादन हुआ था। वर्ष 2008 में 2.86 करोड़ पेटी का रिकार्ड उत्पादन दर्ज किया गया था।

राज्य के बागवानी मंत्री नरेंद्र ब्रागटा ने कहा कि अभी तक राज्य से 25 लाख पेटी सेब बाहर गया है,जबकि पिछले वर्ष अब तक 75 लाख पेटी सेब बाहर गया था।

खराब फसल के कारण इस बार सेब के दाम काफी अधिक हैं। दिल्ली की आजादपुर मंडी में सेब का थोक भाव 50 से 70 रुपये प्रति किलोग्राम है। सितम्बर में कश्मीर से सेब की आपूर्ति होने के बाद दामों में गिरावट आने की उम्मीद है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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