खरीफ की नुकसान की भरपाई के लिए रबी पर ध्यान दें : पवार
वह आज यहां निम्न वर्षा के संदर्भ में कृषि प्रबंधन विषय पर राज्यों के कृषि एवं बागवानी मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री ने कहा कि रबी पर ध्यान केन्द्रित करने से मौजूदा खरीफ जीवन से उत्पादन में हुई क्षति की पूर्ति हो सकेगी। उन्होंने कहा कि मुझे इस साल ज्यादा क्षेत्र में जल्दी रबी फसल लगने की उम्मीद है। हमारे लिए यह सुनिश्चित करने के लिए एक अच्छा अवसर है कि गेहूं समय पर, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में, बोई जाए।
उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत में इस बात के लिए सघन अभियान चलाने की जरूरत है कि किसान 15 नवंबर तक अपने गेहूं की बुवाई कर लें। गेहूं की समय से बुवाई तथा किसानों को बीज, उर्वरक, ऋण आदि जुटाने में सरकार की मदद से गेहूं की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे खरीफ उत्पादन में होने वाले नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उड़ीसा से बोरो धान के अतिरिक्त क्षेत्र भी इसमें आ सकते हैं। दूसरा धान की खेती वाले क्षेत्रों खासकर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और झारखंड में चना, दालें और सरसों के फसल लगाने की संभावना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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