स्वाइन फ्लू से मृतकों की संख्या 54 हुई, 131 नए मामले (राउंडअप)
कर्नाटक और तमिलनाडु में एक-एक मरीज इसके शिकार बने।
स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान में शनिवार को कहा गया कि इस बीमारी से अब तक देश में 54 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्यवार मृतकों के आंकड़े इस प्रकार हैं : महाराष्ट्र (31), कर्नाटक (12), गुजरात (5), तमिलनाडु (2), दिल्ली (2) और केरल (1)।
स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार देश में शनिवार को फ्लू के 131 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही पीड़ितों की संख्या 2669 हो गई।
तमिलनाडु में तीसरी मौत :
एक सरकारी अस्पताल में एक 47 वर्षीय व्यक्ति की यहां मौत हो गई। इसके साथ ही तमिलनाडु में फ्लू के कारण मरने वालों की संख्या तीन हो गई है।
सेकार नामक इस व्यक्ति की शुक्रवार को गवर्नमेंट जनरल अस्पताल में मौत हो गई। चिकित्सा शिक्षा के निदेशक एस.विनायकम ने शनिवार को कहा कि 12 अगस्त को सेकार ने एक अन्य सरकारी अस्पताल में बवासीर का ऑपरेशन कराया था।
विनायकम ने कहा, "चार दिनों बाद उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी और उसे गवर्नमेंट जनरल अस्पताल में स्थानांतरित किया गया और उसमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई।"
सेकार को टैमीफ्लू की खुराक देनी शुरू की गई, लेकिन शुक्रवार की रात उसकी मौत हो गई। सेकार स्थानीय तौर पर फ्लू के वायरस से पीड़ित हुआ था, क्योंकि वह देश के बाहर कहीं नहीं गया था।
लखनऊ में 2 और मामलों की पुष्टि :
लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीएमएस) के कर्मचारियों के दो परिजनों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या 48 हो गई।
इन दोनों मरीजों में एक कर्मचारी की पत्नी और दूसरी एक अन्य कर्मचारी की पुत्री है।
एसजीपीजीएमएस के मायक्रोबॉयलोजी विभाग के प्रमुख टी. एन. धोने ने आईएएनएस से कहा कि यह पहला मौका है जब स्वाइन फ्लू का ऐसा संक्रमण देखने को मिला है और वह भी हमारे कर्मचारियों के परिजनों में।
उन्होंने कहा, "हमने उन दोनों को स्वाइन फ्लू मरीजों के वार्ड में भर्ती किया है। हमारे पास इस बीमारी से निपटने के पुख्ता इंतजाम हैं।"
इससे पहले यहां इजीनियरिंग के एक छात्र में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्र ने दावा किया, "सब कुछ नियंत्रण में है। हमारे पास टैमी फ्लू पर्याप्त मात्रा में है।"
गोवा में संदिग्ध मरीज की मौत
गोवा में एच1एन1 वायरस के लक्षणों से पीड़ित 67 साल की एक महिला की शनिवार सुबह एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। राज्य में इस तरह का यह पहला मामला है।
राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उसके नमूने जांच के लिए नई दिल्ली के राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान भेज दिए गए हैं। वह कुछ ही दिन पहले बेंगलूरु से लौटी थीं और तेज बुखार और बैचेनी की वजह से वह शुक्रवार को ही अस्पताल में भर्ती हुई थीं। वह निमोनिया से पीड़ित थीं और उन्हें मधुमेह भी था। रात को उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया।
बिहार में कोई नया मामला नहीं :
बिहार में शनिवार को स्वाइन फ्लू का एक भी संदिग्ध मरीज सामने नहीं आया है। राज्य से अब तक 10 संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच लिए भेजे जा चुके हैं जिनमें से एक व्यक्ति में फ्लू की पुष्टि हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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