बिहार के कई जिलों में बाढ़, नदियां उफान पर (लीड-1)
पटना स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बिहार की लगभग सभी नदियां खतरे के निशान पार कर गई हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष में सहायक अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि बागमती नदी रूनीसैदपुर, बेनीबाद तथा हायाघाट में खतरे के निशान से उपर बह रही है। कमला बलान झंझारपुर में खतरे के निशान को पार कर गई है। कोसी बसुआ में खतरे के निशान से 0़ 6 मीटर तथा बलतारा में 2़ 29 मीटर खतरे के निशान से उपर बह रही है। महानंदा नदी भी ढंगरघाट में खतरे के निशान को पार कर गई है।
कुमार के मुताबिक वाल्मीकीनगर स्थित गंडक बराज के जल प्रवाह में कमी आई है। प्रसाद के मुताबिक शनिवार को वाल्मीकीनगर बैराज में गंडक का जल प्रवाह 161000 क्यूसेक रहा, जो शुक्रवार के 200600 क्यूसेक से कम है। बीरपुर बैराज में कोसी नदी का जल प्रवाह 151010 क्यूसेक तथा बराह क्षेत्र में कोसी का जल प्रवाह 120100 क्यूसेक है।
दरभंगा के केवटी प्रखंड के कमतौल स्थित बागमती के तटबंध में रिसाव के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घुस गया है। मुरैठा-कमतौल मार्ग पर ढढिया गांव के पास पूर्वी तटबंध के टूटने से दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। दरभंगा के घनश्यामपुर, बिरौल तथा केवटी प्रखंड के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। घनश्यामपुर में कमला नदी के तटबंध टूट जाने से कमला नदी के पश्चिमी तटबंध में कटाव जारी है।
बाढ़ का पानी दरभंगा-जयनगर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-105 के ऊपर से बह रहा है।
दरभंगा के जिलाधिकारी पान मोहन ठाकुर ने शनिवार को बताया कि जिले के सभी तटबंध सुरक्षित हैं। उन्होंने दावा कि कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में अनाज, मिट्टी के तेल सहित राहत सामग्रियां बांटी जा रही हैं।
किशनगंज के अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिये गए हैं। उन्होंने बताया कि 13 स्थानों पर बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविर लगाए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा सुदृढ़ीकरण बल (एनडीआरएफ) का 60 सदस्यीय दल 16 मोटबोटों के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
किशनगंज जिले के पांच प्रखंडों ठाकुरगंज, दिघलबैक, डाकपोखर, कोचाधामन तथा किशनगंज प्रखंड के दर्जनों गांवों में बाढ़ की विनाशलीला जारी है।
अररिया जिले के सिकटी प्रखंड के कई नए इलाकों में बाढ़ के कारण सिकटी प्रखंड का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। सिकटी और कुर्साकांटा प्रखंड के बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग सुरक्षित स्थलों पर शरण लिए हुए हैं।
पूर्णिया के बायसी अनुमंडल के चार प्रखंड के लोग भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications