पत्नी ने किया पति का अंतिम संस्कार
लखनऊ, 22 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में एक महिला ने हिंदू परंपरा को ताक पर रखते हुए अपने पति का अंतिम संस्कार किया। गांव के लगभग 1,500 लोग इस काम में महिला के साथ खड़े रहे।
कुशीनगर जिले के भगवतपुर गांव में मंगरी (55) ने शुक्रवार को अपने पति का अंतिम संस्कार अपने हाथों से किया। महिलाओं के लिए यह काम आज भी वर्जित माना जाता है।
भगवतपुर गांव के निवासी अवधेश माल ने आईएएनएस को बताया, "हमें जब यह पता चला कि मंगरी अपने पति नन्हे (62) का अंतिम संस्कार खुद करेगी तो हम सभी को आश्चर्य हुआ।"
अवधेश ने कहा, "गांव में इस खबर के फैलने के साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पास की बड़ी गंडक नदी पर इकट्ठा हो गए। वहां वैदिक परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।"
स्थानीय नागरिकों के अनुसार नन्हे का लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार तड़के निधन हो गया था और उसका अंतिम संस्कार शुक्रवार को बाद में किया गया।
गांव के प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक सुरेश बैसवार ने कहा, "जब हम इस मुद्दे पर विचार कर रहे थे कि नन्हे का अंतिम संस्कार कौन करेगा, क्योंकि उसके परिवार में कोई पुरुष नहीं था, तभी मंगरी इस काम के लिए उठ खड़ी हुई और उसने पति का अंतिम संस्कार करने की इच्छा जाहिर की।"
बैसवार ने कहा, "शुरू में गांव के कुछ बुर्जुर्गो ने इसका विरोध किया। लेकिन बाद में परिस्थिति की नजाकत समझते हुए वे भी इससे सहमत हो गए।"
यहीं नहीं भगवतपुर गांव के ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार के लिए कोष भी जुटाया।
बैसवार ने कहा, "गरीबी से जूझ रही मंगरी के पास अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। इस सच्चाई को समझते हुए हम सभी ने सहयोग किया और उसके बाद मंगरी ने पति की चिता को मुखाग्नि दी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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