स्वाइन फ्लू के टीके की सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञ चिंतित
बेंगलुरू, 22 अगस्त (आईएएनएस)। सरकार की मांग पर भारतीय कंपनियों द्वारा जल्दबाजी में तैयार किए जा रहे स्वाइन फ्लू के टीके की सुरक्षा को लेकर एक प्रमुख विषाणुविज्ञानी ने चिंता जाहिर की है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने 10 अगस्त को कहा था कि पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट, हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक और नई दिल्ली स्थित पैनेसिया बायोटेक विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा दिए गए ए (एच1एन1) वायरस के अवयवों से टीका विकसित करने में जुटे हुए हैं।
पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) के पूर्व निदेशक कल्याण बनर्जी ने आईएएनएस के साथ एक बातचीत में कहा, "जो कंपनियां इनफ्लुएंजा के टीके विकसित करने में लगी हुई हैं, उनके पास किसी बिल्कुल नए टीके के उत्पादन व मूल्यांकन का कोई अनुभव नहीं है और वह भी इतने कम समय में।"
बनर्जी ने कहा कि उन कंपनियों के पास अच्छी तरह जांचे-परखे गए टीकों के उत्पादन का अनुभव तो है, लेकिन बिल्कुल नए टीके के उत्पादन का अनुभव नहीं है।
बनर्जी ने कहा कि टीका मुर्गी के भ्रूणमय अंडों में उत्पादित किया जाएगा।
बनर्जी ने कहा, "वायरस के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इस तरह के टीके वर्ष दर वर्ष आ रहे हैं और इनका सीमित उपयोग होता है। मुझे आश्चर्य है कि इन टीकों के व्यापक सुरक्षा और रोगप्रतिरोधकता के आंकड़े भी उपलब्ध हैं या नहीं।"
बनर्जी ने कहा, "सरकार की इच्छानुसार इन कंपनियों द्वारा उत्पादित टीके आम टीकाकरण अभियान के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। ऐसे में मैं तो तब तक इस टीके को नहीं लूंगा, जब तक कि व्यापक सुरक्षा और रोगप्रतिरोधकता के आंकड़े नहीं उपलब्ध हो जाते और इसके खतरे और लाभ के अनुपात का निष्पक्ष रूप से विश्लेषण नहीं कर लिया जाता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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