कश्मीर सरकार को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश
एनएचआरसी ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि वह पीड़ित के परिवार को अदा की गई राशि के सबूत के साथ दो महीने के भीतर एक अनुपालन रिपोर्ट भी सौंपे।
अमृतसर के निवासी मोहन लाल को एक चोरी के मामले में कथित संलिप्तता के लिए पहली जुलाई 2003 को जम्मू से गिरफ्तार किया गया था।
एनएचआरसी की ओर से एक बयान में कहा गया है, "पूछताछ के दौरान उसे इतना प्रताड़ित किया गया कि 2 जुलाई 2003 को जम्मू के पुलिस लाइन अस्पताल में उसकी मौत हो गई। जम्मू के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में संपन्न हुए पहले पोस्टमार्टम में इस बात का खुलासा हुआ कि मोहन लाल के शरीर पर 16 घातक चोटें की गई थीं।"
बयान में कहा गया है, "उसके बाद मोहन लाल के परिजन शव को लेकर अमृतसर गए। वहां दूसरी बार पोस्टमार्टम किया गया। इस बार पता चला कि मोहन लाल के शरीर पर 41 घातक चोटें की गई थीं, जिसमें छह बिजली के झटके के निशान भी थे।"
इसके बाद मानवाधिकार कार्यकर्ता सुहास चकमा द्वारा की गई एक शिकायत पर आयोग ने जम्मू एवं कश्मीर सरकार को नोटिस जारी किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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