बिहार के कई जिलों में बाढ़ का तांडव
दरभंगा के केवटी प्रखंड के कमतौल स्थित बागमती के तटबंध में रिसाव होने से कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैल गया है। इधर, मुरैठा-कमतौल मार्ग पर ढढ़िया गांव के पास पूर्वी तटबंध के टूटने से दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। दरभंगा के घनश्यामपुर, बीरोल तथा केवटी प्रखंड के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। घनश्यामपुर में कमला नदी के सुरक्षा तटबंध के टूट जाने से कमला नदी के पश्चिमी तटबंध के कटाव का सिलसिला जारी है।
इधर, बाढ़ का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-105 पर दरभंगा-जयनगर के बीच बह रहा है जिससे इस पथ पर आवागमन बाधित हो गया है। दरभंगा के जिलाधिकारी पान मोहन ठाकुर ने शनिवार को बताया कि जिले के सभी तटबंध सुरक्षित हैं। उन्होंने दावा किया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में अनाज, केरोसिन सहित राहत सामग्री बांटी जा रही है।
किशनगंज में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। किशनगंज के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) ने बताया कि 13 स्थानों पर बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं तथा राष्ट्रीय आपदा सुदृढ़ीकरण बल (एनडीआरएफ) के 60 सदस्यीय दल 16 मोटरबोटों के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य चला रही है।
उल्लेखनीय है कि किशनगंज जिले के पांच प्रखंडों ठाकुरगंज, दिघलबैंक, डाकपोखर, कोचाधामन तथा किशनगंज प्रखंड के दर्जनों गांवों में बाढ़ की विनाशलीला जारी है।
अररिया जिला के सिकटी प्रखंड के कई नए इलाकों में भी बाढ़ के पानी के प्रवेश करने की सूचना है। बाढ़ के कारण सिकटी प्रखंड का संपर्क जिला मुख्यालय से भंग हो गया है। सिकटी और कुर्साकांटा प्रखंड के बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग ऊंचे स्थलों पर शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा अररिया, फारबिसगंज, जोकीहाट, नरपतगंज प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने के कारण लोग पलायन करने लगे हैं। वहीं पूर्णिया के बायसी अनुमंडल के चार प्रखंड के लोग भी बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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