पाकिस्तान में भ्रष्टाचार से 1.8 अरब डॉलर का नुकसान

समाचार पत्र 'द न्यूज' के अनुसार तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा वर्ष 2007 में लाए गए राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ)से 100 अरब रुपये का नुकसान हुआ और शीर्ष पदों पर विराजमान ताकतवर लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच में लगे राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) को बंद करने 50 अरब रुपये का नुकसान हुआ है।

सूत्रों के अनुसार एनबीए 50 अरब रुपये के भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों की जांच को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने में लगा था।

एनआरओ से ही पाकिस्तानी न्यायालयों में चल रहे भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों से राहत मिलने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और अन्य राजनेता निर्वासन से देश वापस लौटे थे।

अप्रैल में एनएबी की समाप्ति और इसकी शक्तियों को संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली को देने संबंधी विधेयक को पेश करते समय संसदीय कार्यमंत्री बाबर अवान ने कहा कि एनएबी का उपयोग अधिकांशत: राजनीतिक प्रतिशोध के लिए किया गया।

'द न्यूज' के अनुसार एनएबी ने पिछले एक दशक में भ्रष्टाचारियों से 225 अरब रुपयों की वसूली की थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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