अफगानिस्तान चुनाव : मतदान के दौरान हिंसा में 50 की मौत (राउंडअप)
आंतरिक मंत्री हनीफ अतमर ने बताया कि चुनावी हिंसा में नौ पुलिसकर्मियों और नौ नागरिकों की मौत हुई है, जबकि 14 पुलिसकर्मी और 13 अन्य लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा रक्षा मंत्री अब्दुल रहीम वर्दाक के अनुसार आठ सैनिकों की मौत हुई है और 25 जख्मी हुए हैं। चार आत्मघाती हमलावर भी मारे गए हैं। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि उत्तरी बगलान प्रांत में विभिन्न मुठभेड़ों में 21 तालिबान आतंकवादी मारे गए।
कुछ मतदान केंद्रों के बाहर सैकड़ों मतदाताओं की कतारें देखी गईं। सुरक्षा बलों ने चार आत्मघाती हमलावर को मार गिराया और मतदान केंद्रों में दाखिल होने की कोशिश कर रहे दो आत्मघाती हमलावरों को अपने कब्जे में ले लिया। चुनावों के दौरान अफगान सुरक्षा बलों के 200,000 कर्मी और 100,000 से ज्यादा विदेशी सैनिक तैनात हैं।
राष्ट्रपति हामिद करजई फिर से चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने अपने सरकारी आवास के समीप एक मतदान केंद्र पर जाकर वोट डाला और देशवासियों से निर्भय होकर घरों से बाहर निकलने और वोट डालने का अनुरोध किया। दो महिला प्रत्याशियों समेत 30 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। यहां 1.7 करोड़ मतदाता है।
पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह, पूर्व वित्त मंत्री अशरफ घानी और पूर्व योजना मंत्री रमजान बशरदोस्त भी मैदान में हैं। ये तीनों करजई सरकार में ही मंत्री थे। अफगानिस्तान पर 2001 में अमेरिकी नेतृत्व में हुए हमले के बाद यह दूसरा मौका है जब राष्ट्रपति चुनने के लिए प्रत्यक्ष मतदान हुअा है।
काबुल में मतदान का शुरुआती आंकड़ा वर्ष 2004 के चुनाव की तुलना में तीन से चार गुना कम रहा। माना जा रहा है कि मतदान के आंकड़ों में कमी की वजह आतंकवादी हमलों का खतरा रही। कंधार सूबे की राजधानी में मतदाता बातचीत करने या वोट डालने के बाद अपनी उंगली का निशान दिखाने के इच्छुक नहीं दिखे। तालिबानी आतंकवादियों ने वोट डालने वालों का गला और उंगलियां काट देने की धमकी दी है।
अफगान अधिकारियों ने कम से कम चार प्रांतों की राजधानियों में रॉकेट हमलों की पुष्टि की है। काबुल में भी छिटपुट गोलीबारी की खबर है। पुलिस ने बताया कि कम से कम 10 धमाके हुए और 12 देसी बम निष्क्रिय किए गए। दोपहर होते-होते धमाकों में कमी आई और मतदान की गति ने रफ्तार पकड़ी। सड़कों पर यातायात की इजाजत नहीं दी थी। सिर्फ सुरक्षा बलों के वाहनों और एंबुलेंस को ही गुजरने की अनुमति दी गई।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता आहिर आजिमी ने बताया कि सूबों से मिली रपटों से पता चलता है कि लोग हिसा से नहीं डरे। चुनाव पर्यवेक्षक थॉमस रटिंग ने कहा कि मतदाताओं की संख्या के मामले में तस्वीर मिली-जुली रही। एक सूबे में तालिबानियों ने मतदाताओं को मतदान से रोकने के लिए सड़कों पर अवरोध लगा दिया।
आजिमी ने बताया कि सूबे की राजधानी गार्देज में आत्मघाती हमलावर मतदान केंद्र में दाखिल होने का प्रयास करते मारा गया। उधर गुरुवार सुबह उत्तरी बगलान सूबे के एक जिले का पुलिस प्रमुख एक हमले में मारा गया।
तालिबान प्रवक्ता जैबुल्लाह मुजाहिद ने एक बयान में कहा है कि तालिबानी आतंकवादियों ने कम से कम 16 मतदान केंद्रों पर हमले किए। लेकिन सरकारी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की।
राष्ट्रपति चुनने के अलावा 34 प्रांतों की प्रांतीय परिषदों के 420 सदस्यों का भी चुनाव कर रहे हैं। यहां 6,500 से ज्यादा मतदान केंद्र बनाए गए हैं और 2,000 विदेशी पर्यवेक्षकों सहित 270,000 से अधिक पर्यवेक्षक इस चुनाव में नजर रखे हुए हैं। चुनाव नतीजे 48 घंटों के भीतर घोषित किए जाने की संभावना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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