मप्र ने केंद्र से मांगा 3400 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज

दिल्ली में शुक्रवार को केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार की अध्यक्षता में हुई राज्यों के कृषि मंत्रियों की बैठक में मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री डा. रामकृष्ण कुसमारिया ने राज्य की कृषि स्थिति का ब्योरा दिया और इससे निपटने के लिए विशेष पैकेज को जरूरी बताया।

डा. कुसमारिया ने कहा कि प्रदेश की स्थिति गंभीर है यहां मानसून की वर्षा 15 दिन की देरी से हुई है। प्रदेश में 17 अगस्त तक औसतन 435 मिली मीटर वर्षा हुई है जो सामान्य से 33 प्रतिशत कम है। प्रदेश के 50 में से नौ जिलों में ही वर्षा का प्रतिशत सामान्य है। वहीं 40 जिलों में औसत से कम और एक जिले में अत्याधिक कम वर्षा दर्ज की गई है।

प्रदेश की सूखा स्थिति का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के 37 जिलों में 25 प्रतिशत से कम वर्षा हुई है जिन्हें राज्य सरकार ने सूखा ग्रस्त घोषित किया है। इतना ही नहीं खरीफ की फसल के क्षेत्र में छह लाख हेक्टेयर की कमी आई है। कम वर्षा तथा अल्प वर्षा के कारण पांच लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई नहीं की जा सकी है।

डॉ. कुसमरिया ने बताया कि अगस्त के अंत तक पानी न गिरने की स्थिति में धान का उत्पादन 50 से 60 प्रतिशत तक कम हो सकता है। इतना ही नहीं सोयाबीन और अन्य फसलों के उत्पादन में भी 15 से 20 प्रतिशत तक की कमी संभव है। उन्होंने बताया कि इन हालातों से निपटने के लिए राज्य सरकार को 3400 करोड़ रुपये की जरूरत है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+