आजाद ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों को खरी-खोटी सुनाई
आजाद ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों की यहां आयोजित एक बैठक में कहा, "हम यहां पर 20-24 घंटे काम करते हैं और आप सब ऐश करते हैं।"
आजाद के गुस्से पर पूरे माहौह में सन्नाटा छा गया, लेकिन उन्होंने अपनी बात जारी रखी।
अपना लिखित भाषण पढ़ने के बाद आजाद ने कहा, "आप सभी को जल्द से जल्द जागना होगा।" उन्होंने कहा, "हम तीन महीने से आपको झेल रहे हैं।"
वास्तव में यह बैठक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा संचालित, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) पर बुलाई गई थी। इस कार्यक्रम को वर्ष 2005 में शुरू किया गया था और इसका मकसद ग्रामीण जनता को गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराना है।
एनआरएचएम पर कुछ मिनट तक बोलने के बाद आजाद स्वाइन फ्लू पर चर्चा करने लगे, जिसके कारण अब तक देश में 36 लोग मारे जा चुके हैं।
आजाद की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास ने कहा, "यह गलत भाषा है और किसी केंद्रीय मंत्री के मुंह से ऐसी भाषा शोभा नहीं देती। वह किसी हेडमास्टर की तरह व्यवहार कर रहे हैं और संघीय व्यवस्था में इस तरह की प्रक्रिया की इजाजत नहीं है।"
व्यास ने आजाद के संबोधन के बाद बैठक कक्ष से बाहर संवाददाताओं से कहा, "हम सभी जानते हैं कि देश स्वाइन फ्लू की महामारी से जूझ रहा है और ऐसे में केंद्र और राज्यों को आपस में सहयोग करना चाहिए। लेकिन आजाद ने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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