कोयले की खराब गुणवत्ता से गहराया बिजली संकट
राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरवीयूएनएल) ने उत्तर प्रदेश को कोयले की आपूर्ति करने वाली प्रमुख कंपनियों भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) धनबाद, नादर्न कोलफील्ड लिमिटेड (एनसीएल), सेंट्रल कोल फील्ड लिमिटेड (सीसीएल) से खराब गुणवत्ता के कोयले की आपूर्ति को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
आरवीयूएनएल के निदेशक (तकनीकी) आर. एन.अग्रवाल ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया कि कोयला आपूर्तिकर्ता कंपनियों से इस मामले को देखने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि अच्छी गुणवत्ता वाले कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने की खातिर प्रमुख कंपनियों के अधिकारियों से मिलने के लिए हमने इंजीनियरों के एक दल को भेजा है।
अधिकारियों के मुताबिक खराब गुणवत्ता वाले कोयले में भारी मात्रा में पत्थर और मिट्टी होने के कारण विद्युत ताप इकाईयों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे दैनिक बिजली उत्पादन में 800 से 1000 मेगावाट बिजली की गिरावट देखी जा रही है।
उत्तर प्रदेश के परीछा, हरदुआगंज और पनकी ताप विद्युत इकाईयों को बीसीसीएल और सीसीएल से जबकि अनपरा और ओबरा ताप इकाईयों को एनसीएल से कोयले की आपूर्ति होती है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग करीब 9,000 मेगावाट है। राज्य सरकार अपने संसाधनों और केंद्र से मिलने वाली मदद के बाद करीब 7,500 मेगावाट बिजली की उपलब्ध करा पाने में सक्षम है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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