100 लाख टन कम होगा चावल
नई दिल्ली। सूखे की मार झेल रहे देश के कई राज्यों में खरीफ सीजन के दौरान या तो फसलों की बुआई हो ही नहीं पाई या फिर पानी की आस में फसल सूख गई। ऐसे में देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में गिरावट लाजमी है। खासकर इस बार चावल के उत्पादन में काफी गिरावट आई है। यह गिरावट 100 लाख टन के करीब है।
केंद्र सरकार के अनुसार मानसून की बेरुखी से चालू खरीफ सीजन के दौरान देश में खाद्यान्न उत्पादन में गिरावट दर्ज की जाएगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि इस साल चावल उत्पादन में 100 लाख टन की कमी आ सकती है। इसके अलावा तिलहन और चीनी के उत्पादन में भी कमी आने की आशंका है।
पहले से ही चीनी और दालों की चढ़ती कीमतों की मार झेल रहे उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में चावल के लिए भी ज्यादा दाम चुकाने पड़ सकते हैं। पवार ने भी माना कि खरीफ पैदावार में गिरावट से खाद्यान्नों की कीमतों में तेजी आ सकती है।
हालांकि सरकार खाद्यान्नों की कीमतों को काबू में रखने के लिए खुले बाजार बिक्री योजना के तहत गेहूं और चावल की बिक्री भी कर सकती है।


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