पाकिस्तान में हीरो बने जसवंत

जसंवत सिंह की किताब ने पाकिस्तानी अखबारों और बुद्धिजीवियों में एक हलचल ला दी है। कई बुद्धिजीवी यह भी कहने लगे है कि "जिन्ना नहीं बल्कि भारत के विभाजन के लिए जवाहरलाल नेहरू ही दोषी थे, यही सच्चाई है। ऐसे लोगों को अब जसवंत का मजबूत आधार मिल गया है"।
पाकिस्तान के न्यूज पेपर और इलेक्ट्रानिक मीडिया जसवंत का बीजेपी से निष्कासन सहित सभी घटनाक्रमों को व्यापक कवरेज दे रहे हैं। 'द डेली टाइम्स' ने जिन्ना की भूमिका पर सहमति बनाएं हेडिंग से अपनी संपादकीय में कहा कि जसवंत की पुस्तक जिन्ना-. इंडिया, पार्टिशन, इंडिपेंडेंस ने भारत के सामने पाकिस्तान के संस्थापक की सकारात्मक तस्वीर पेश की है।
'द न्यूज' ने जिन्ना के बारे में एक नया दृष्टिकोण शीर्षक से लिखे संपादकीय में कहा कि सिंह की किताब में जिन्ना एक नई रोशनी में सामने आते हैं। 'डान' ने जसवंत सिंह की तारीफ की है। गौरतलब है कि 'डान' के संस्थापक खुद मोहममद अली जिन्ना ही रहे हैं।
पंजाब की अर्थव्यवस्था पर काम के लिए मशहूर महमूद मिर्जा ने जसवंत सिंह की किताब पर टिप्पणी करते हुए कहा कि "भारतीयों ने पहली बार जिन्ना का रोल समझा है। यही सही और सच्चाई है। जो भारतीय पक्ष को आज से कई साल पहले स्वीकार करना चाहिए था वो आज किया जा रहा है"।


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